मीरगंज। प्रसिद्ध मंडियों को आम आपूर्ति करने वाला मीरगंज क्षेत्र का गांव मंडनपुर इस वर्ष आम की फसल में हुए नुकसान से जूझ रहा है। मंडनपुर गांव में 75 प्रतिशत भूमि पर लोग आम की फसल करते हैं। यहां से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बिहार आदि राज्यों के मंडियों में आम की आपूर्ति होती है।
गांव के कई बाग मालिकों ने बताया कि आम की फसल पर चेपा रोग, भुनका और फफूंद जैसी बीमारियों ने असर डाला है। उन्होंने इन रोगों से बचाव के लिए करीब 10 बार स्प्रे भी किया, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ, बल्कि आम का फल सूखकर जमीन पर गिर गया। इससे पेड़ फलों से खाली हो गए हैं।
बाग मालिक आशिक अहमद, अतीक अहमद, अबरार अहमद और मास्टर फुरकान अहमद ने बताया कि शुरुआत में बौर अच्छा आया था। अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन मार्च-अप्रैल में बीमारी और उसके बाद आई ओलावृष्टि ने बची-खुची फसल को भी बर्बाद कर दिया।
बाग मालिकों का कहना है कि इस साल आम की खेती घाटे का सौदा साबित होगी। कुदरत की मार और फसल में हुए नुकसान ने उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है। संवाद