फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बसपाई रंग बदला तो छिड़ी चर्चाः वीरेंद्र सिंह की राजनीतिक विरासत भाई को या बेटे को

विज्ञापन
बरेली में लगा होर्डिग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

हाल ही में त्योहारों की शुभकामना देने को कई जगह लगाए गए हैं होर्डिंग, बिथरी में नए राजनीतिक समीकरण बनने के कयास

बरेली। वैसे तो किसी रंग का किसी पार्टी में निष्ठा या बगावत से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन कभी बसपा के कद्दावर विधायकों में गिने जाने वाले वीरेंद्र सिंह के नाम के साथ नया रंग दिखाई देने के बाद यह सवाल चर्चा में है कि उनके परिवार को अपने राजनीतिक भविष्य के लिए किसी नई धारा की तलाश तो नहीं है। दरअसल एक और सवाल पहले से उठ रहा है कि काफी समय से अस्वस्थ वीरेंद्र सिंह अपनी राजनीतिक विरासत किसे सौंपेंगे। दावेदार उनका बेटा भी है और भाई भी। माना जा रहा है कि दोनों सवालों का जवाब बिथरी विधानसभा क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरण के तौर पर सामने आ सकता है।
विज्ञापन

सवालों का दौर हाल ही में पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह की ओर से शहर में कई जगह त्योहारों पर शुभकामनाएं देने के लिए होर्डिंग लगवाने के साथ शुरू हुआ है। बसपाई होने के नाते स्वाभाविक तौर पर इन होर्डिंग का रंग नीला होने की उम्मीद लाजमी है लेकिन नीले के बजाय उन्होंने कुछ चौंकाते हुए उन पर गुलाबी रंग इस्तेमाल किया है। बिथरी विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे वीरेंद्र सिंह बसपा के शासन में कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे। पिछला विधानसभा चुनाव वह नहीं जीत पाए। इसके बाद अस्वस्थ भी हो गए इसलिए काफी समय से उनकी राजनीतिक गतिविधियां भी सीमित हो गई हैं।
इस बीच उनके बेटे आशीष सिंह उर्फ सचिन काफी खामोशी से बिथरी विधानसभा क्षेत्र में पिता के राजनीतिक संपर्कों को मजबूत करने में जुटे रहे। हालांकि वीरेंद्र सिंह जब विधायक थे, उस दौरान ब्लाक प्रमुख रहे उनके भाई देवेंद्र सिंह राजनीतिक तौर पर उनके काफी नजदीक थे। वीरेंद्र सिंह के दूसरे भाई महेंद्र सिंह भी उनकी राजनीति में कहीं न कहीं साझीदार रहे हैं। उन्होंने महेंद्र सिंह की पत्नी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाया था। सूत्रों के मुताबिक काफी समय से अस्वस्थ होने के कारण अब पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह के परिवार और उनके समर्थकों में उनकी राजनीतिक विरासत के लिए जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। उनके बेटे और भाई देवेंद्र सिंह दोनों के पीछे अच्छा-खासा जनमत है।

बेटे का रिश्ता सपा के कद्दावर नेता की बेटी से होने की चर्चा

राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं में उन दिनों का जिक्र किया जा रहा है जब बसपा के विधायक तौर पर लखनऊ में वीरेंद्र सिंह को मिले आवास के सामने ही रहने वाले सपा के एक विधायक से उनके पारिवारिक संबंध थे। अब वह विधायक सपा संगठन के एक प्रमुख पद पर होने के साथ पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भी नजदीकी हैं। बताया जा रहा है कि वीरेंद्र सिंह के बेटे आशीष की शादी इन्हीं सपा नेता की बेटी से तय होने की बात चल रही है। सरकारी नौकरी में रहने के दौरान सपा नेता के भाई की बरेली में तैनाती रही तब भी वीरेंद्र सिंह ने उनका काफी साथ दिया था। सूत्रों के मुताबिक शादी की बात चलाने के साथ आशीष के एक चाचा उनके टिकट की भी पैरवी कर रहे हैं।

चाची नीरू पटेल बेटे सचिन उर्फ आशीष के साथ

अब तक के अपने राजनीतिक जीवन में पूर्व विधायक वीरेेंद्र सिंह ने अपने भाई और बेटे के बीच कोई लकीर नहीं खींची है लेकिन कहा जा रहा है कि अब हालात बदल रहे हैं। कुछ समय पहले तक परिवार में सिर्फ देवेंद्र सिंह ही वीरेंद्र सिंह की राजनीतिक गतिविधियों में उनके साझीदार रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इसी वजह से तमाम समर्थक देवेंद्र सिंह को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष रही वीरेंद्र सिंह की भाभी नीरू पटेल उनके बेटे सचिन उर्फ आशीष के साथ बताई जा रही हैं। फोन पर कोशिश करने के बावजूद देवेंद्र सिंह से इस बारे में बात नहीं हो पाई। वीरेंद्र सिंह के परिवारिक करीबी श्याम सिंह ने बताया कि अगले चुनाव में पूर्व विधायक की सहमति से ही परिवार का कोई सदस्य मैदान में उतरेगा। इस पर परिवार में कोई विवाद नहीं है। पार्टी कौन सी होगी, इस पर भी अब तक कोई विचार नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें