बरेली। प्रमाणपत्र बनवाने, नवीनीकरण और सत्यापन कराने के लिए सोमवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में आयोजित शिविर में पहुंचे दिव्यांगों को अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ा। दूर-दराज से तेज धूप सहकर शिविर में पहुंचे दिव्यांगों को वहां लगीं एसी की आउटडोर यूनिटों से निकलने वाली गर्म हवा झुलसाती रही। इससे बचने के लिए उन्हें पेड़ों की छांव का सहारा लेना पड़ा।
शिविर में स्लॉट के मुताबिक 50 दिव्यांग पहुंचे थे। वहां उनका सामना सीएमओ कार्यालय समेत अन्य छह दफ्तरों में लगे एसी की आउटडोर यूनिट से निकल रही गर्म हवा से हुआ। इस वजह से दिव्यांग वहां ज्यादा देर तक टिक न सके। राहत के लिए वे परिसर में लगे पेड़ों की छांव में बैठ गए। कई दीवारों के किनारे दुबके रहे। नंबर आने पर कर्मचारियों ने तेज आवाज देकर बुलाना पड़ा। दोपहर एक बजे तक मनोचिकित्सक डॉ. आशीष कुमार और ऑर्थोपेडिक डॉ. दिनेश कुमार ने 45 दिव्यांगों की जांच की। दिव्यांगता के आधार पर उनके प्रमाणपत्र बनाए गए।
सीएमओ बोले : आउटडोर यूनिट लगाने के लिए जगह कम
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने कहा कि एसी की आउटडोर यूनिट लगाने के लिए परिसर में और कोई जगह नहीं है। दिव्यांग शिविर को भी शिफ्ट नहीं कर सकते। दिव्यांगों को दिक्कत न हो, इसके लिए सीएमओ कार्यालय को ही शिफ्ट करने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ब्यूरो
गर्मी से ठहरना हुआ मुश्किल
पिछले वर्ष हादसे में दायां हाथ कट गया था। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आंवला से आए हैं। बाहर धूप थी। सोचा था कि सीएमओ ऑफिस पहुंचने पर राहत मिलेगी, पर यहां तो धूप से भी ज्यादा गर्मी है। - राम किशोर, आंवला
बचपन में ही दोनों पांव पोलियोग्रस्त हो गए थे। प्रमाणपत्र नवीनीकरण के लिए आंवला से आए थे। शिविर में गर्मी के चलते खड़ा होना मुश्किल था, इसलिए पेड़ की छांव में बैठे रहे। जब बुलाया तो अंदर गए। - सुरेश, रम्पुरा