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Bareilly News: दिव्यांग ने बताई परेशानी, नहीं पसीजा लेखपाल

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बरेली। एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को दिव्यांग से घूस लेने के आरोपी लेखपाल विपिन पटेल उर्फ मोनू को कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट को भी एंटी करप्शन थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने लेखपाल को अपने दिव्यांग होने का वास्ता दिया लेकिन वह नहीं पसीजे तो कार्रवाई करानी पड़ी।
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इज्जत नगर के करमपुर चौधरी निवासी दिव्यांग वली मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने सदर तहसील के गांव मांडा में 171 वर्ग गज का प्लॉट अपनी पत्नी शबाना के नाम खरीदा था। दाखिल खारिज करने के बदले क्षेत्रीय लेखपाल विपिन पटेल ने 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
जब वली मोहम्मद ने दिव्यांग होने की दुहाई दी तो विपिन ने रिश्वत की पहली किस्त पांच हजार रुपये जमा करने को कहा। वली मोहम्मद ने दिव्यांग होने का हवाला दोबारा दिया तो विपिन बोला प्लॉट पर प्लॉट ले रहे हो, हमारा खर्चा देने से मना क्यों कर रहे हो।
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इसके बाद वली मोहम्मद ने लेखपाल विपिन पटेल की शिकायत एंटी करप्शन से कर दी। गोपनीय जांच में मामला प्रथम दृष्टया सही पाया गया। इसके बाद एंटी करप्शन ने भ्रष्टाचार में लिप्त लेखपाल को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। मंगलवार को वली मोहम्मद अपनी चार पहिया स्कूटी से सदर तहसील पहुंचे।
तहसील के अंदर लेखपाल के कक्ष में पहुंचे तो लेखपाल ने छह हजार रुपये की मांग की। वली मोहम्मद ने पांच हजार लाने की बात लेखपाल को बताई। जैसे ही लेखपाल ने ट्रीटेड नोट लिए एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को पकड़ लिया।
लेखपाल ने एंटी करप्शन टीम के साथ खींचतान की। टीम विपिन पटेल को पैदल कचहरी चौराहे तक लाई तो इसके बाद गाड़ी में बैठाकर कोतवाली में ले गए। कोर्ट ने विपिन पटेल को जेल भेज दिया।

तहसीलों में भ्रष्टाचार का बोलबाला, कई जा चुके जेल
जिले की तहसीलों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। सदर तहसील से लेकर फरीदपुर तहसील तक कई घूसखोर अधिकारियों को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन लगातार नई कार्रवाई सामने आ रही हैं। मार्च में एंटी करप्शन की टीम ने सेवायोजन कार्यालय के सामने सदर तहसील के लेखपाल महेश कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। टीम फरीदपुर तहसील के चकबंदी कानूनगो कमल सुधीर और चकबंदी लेखपाल अजय तेवतिया को भी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर चुकी है।
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