आंवला। आसपुर के खेतों में भरा गंदा पानी दिखाते किसान-संवाद
आंवला। कस्बे का गंदा पानी खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा मेहनत की फसल नष्ट हो गई। यह मुद्दा किसानों ने कई बार उठाया, लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। समस्या को देखते हुए कोई भी कंपनी किसान बीमा करने को राजी नहीं हो रहे हैं।
ब्लाॅक आलमपुर जाफराबाद के गांव के आसपुर के किसानों ने बताया कि करीब चार सौ बीघा जमीन में शहर का गंदा पानी भर गया है। यह हर साल की समस्या है। वह खर्चा लगाकर खेती करते हैं और खेतों में गंदा पानी भरने से उनकी फसलें चौपट हो जाती है। बताया कि पानी को निकालने के लिए खेतों के किनारे खाई खोदवाते हैं। चक मार्ग पर जेसीबी से मिट्टी का भराव डाला गया, लेकिन आगे रास्ता बंद होने से पानी यहीं फैल जाता है।
किसानों ने बताया कि नगर पालिका के नाले से शहर का गंदा पानी बरेली व बदायूं रोड से उनके खेतों तक पहुंच रहा है। जगह-जगह पुलियां चोंक है, जिससे गंदा पानी पुलिया को पार कर तालाब में नहीं जा पा रहा है। दूसरा कारण नगर पालिका द्वारा बनाई गई नाली है, जो शहर के बाहर ही समाप्त हो जाता है। इससे निकलने वाला गंदा पानी उनके खेतों तक पहुंच जाता है। किसानों का कहना है कि इससे गेंहू, लाहटा, मसूर व आलू की फसल बर्बाद हो गई है।
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प्रदर्शन व ज्ञापन देने के बाद भी सुनवाई नहीं
किसान मंटे सिंह, अमर सिंह, जमुना प्रसाद मुरारी लाल, महेश पाल, मनोज, विशाल ने बताया कि पिछले कई सालों से यह समस्या है। इसके लिए ज्ञापन भी दिए, धरना प्रदर्शन भी किए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
किसान मंटे सिंह
ने बताया कि बदायूं रोड बसाई जा रही काॅलोनियों में कॉलोनाइजर प्लाटिंग तो कर रहे है, पर इन कॉलोनियों में अभी निकास का कोई प्रबंध नहीं हुआ है। आने वाले समय में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। समस्या को देखते हुए कोई भी कंपनी किसान बीमा करने को राजी नहीं है। किसान जमुना प्रसाद ने बताया कि वे छोटे किसान है। बटाई पर रखी 10 बीघा खेत में फसल पूरी तरीके से बर्बाद हो चुकी है।
पालिका साढे 19 करोड़ की राशि से मोहल्ला ताड़गंज में एसटीपी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने जा रही है। नालों द्वारा इसमें पानी को लाकर शुद्ध किया जाएगा। अगले महीने से प्लांट बनाने का काम शुरू होने की संभावना है। जल्द ही समस्या से किसानों को मुक्ति मिलेगी।
- जितेंद्र कुमार, ईओ
संवाद