बरेली। पुलिस लाइन में मुआयने के दौरान सोमवार को डीआईजी ने सिस्टम की तमाम खामियां पकड़ीं। कहीं फाइलें गायब थीं तो कहीं आधी अधूरी। सीओ एलआईयू ने तो ऑफिस को ही बेडरूम बना रखा था। वहां तख्त पड़े थे। डीआईजी ने तख्त तुरंत हटवाने के आदेश दिए। साथ ही अलग-अलग मामलों में जांच बैठा दी है।
डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने सोमवार सुबह सबसे पहले पुलिस लाइन का वार्षिक निरीक्षण किया। यहां स्टोर और शस्त्रागार का रिकॉर्ड अधूरा मिला। उपलब्ध कराए गए और मौके पर मिले संसाधनों के रिकॉर्ड में झोल दिखी तो डीआईजी ने सीओ लाइन को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके बाद डीआईजी ने एसएसपी कार्यालय का मुआयना किया। डीआईजी को एसएसपी के पेशी कार्यालय में कुछ फाइलें नहीं मिलीं। पता लगा कि इनमें से कई फाइलें कर्मचारियों को मिले दंड से संबंधित थीं। इस पर डीआईजी ने नाराजगी जताई। समन सेल और डीसीआरबी का भी यही हाल था। कई फाइलों में तथ्य अधूरे थे। उन्होंने सीओ ऑफिस को इसकी जांच सौंपी।
डीआईजी ने विशेष जांच प्रकोष्ठ कार्यालय के बाहर खुले बिजली के तारों पर भी नाराजगी जताई। सीओ एलआईयू के दफ्तर पहुंचे तो वहां तख्त पर बिस्तर लगा मिला। डीआईजी ने इस बारे में पूछा तो बताया गया कि ड्यूटी के दौरान कभी-कभार आराम करने के लिए बिस्तर लगा लिया है। इस पर डीआईजी ने नाराजगी जताई और तख्त को कक्ष से हटाने के निर्देश दिए। डीआईजी ने बिथरी थाने का भी मुआयना किया। अपराध रजिस्टर में दर्ज चोरी के मुकदमे में चोरी का सामान नहीं लिखा होने पर नाराजगी जाहिर की। अधूरे अभिलेख पूरे करने और थाने में सड़ रहे वाहनों की नीलामी कराने के लिए सीओ थ्री को एक महीने का वक्त दिया। निरीक्षण के दौरान एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात, एएसपी आदि कई अधिकारी मौजूद थे।