अधिकारियो के साथ कमिश्नरी में बैठक करते मुख्या सचिव और विकास आयुक्त।
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अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास आयुक्त को कोविड कंट्रोल रूम स्टाफ ने बताई परेशानी
बरेली। कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे दायरे के मद्देनजर अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन ने स्वास्थ्य सुविधाओं, व्यवस्थाओं और तैयारियों की समीक्षा की। इससे पहले कलक्ट्रेट में बने कोविड कंट्रोल रूम को चेक किया। स्टाफ से संक्रमितों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया के बारे में पूछा। स्टाफ ने बताया कि टेस्टिंग कराने वाले तमाम ऐसे लोग अपना नाम-पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज करा देते हैं। इससे रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें ढूंढने और हॉस्पिटल तक पहुुंचाने में दिक्कत होती है।
मुरादाबाद से हैलीकॉप्टर से पुलिस लाइंस में उतरने के बाद दोनों ही अधिकारी दोपहर करीब पौने तीन बजे कलक्ट्रेट स्थित कोविड कंट्रोल रूम पहुंचे। सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग ने दोनों अफसरों को बताया कि संक्रमित मिलने के चार घंटे के अंदर सर्विलांस टीम की मदद से मरीज को अस्पताल में भर्ती करा दिया जाता है। डीएम नितीश कुमार ने बताया कि मरीजों के लिए अभी 86 एंबुलेंस की व्यवस्था है। मरीजों को होम आइसोलेट भी किया जा रहा है। डीएम ने बताया कि कंट्रोल रूम में पहले राशन और दवाइयां न मिलने की शिकायतें ज्यादा आ रही थीं लेकिन अब कोविड से संबंधित शिकायतें ही मिल रही हैं। स्टाफ ने बताया कि कई मरीजों के नाम-पते गलत होने से उन तक पहुंचने के लिए पुलिस की मदद भी लेनी पड़ती है। इस दौरान कमिश्नर रणवीर प्रसाद, सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल आदि मौजूद रहे।