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Bareilly News: खेलने के दौरान दिव्यांग मासूम नाले में डूबा

Wed, 29 Jul 2026 02:16 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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आंवला। मोहल्ला खेड़ा निवासी नंदराम प्रजापति का दिव्यांग बेटा प्रीत (7) मंगलवार शाम 4:00 बजे खेलने के दौरान नाले में गिर गया। तेज बहाव के कारण वह बह गया। साथी बच्चों का शोर सुनकर मोहल्ले के लोग जुट गए। पुलिस और पालिका प्रशासन ने उसको ढूंढने की कोशिश की लेकिन नहीं मिला। एसडीएम और एसडीआरएफ टीम भी आई। रोशनी की व्यवस्था न होने पर अलसुबह तलाश शुरू करने की बात कहकर चली गई।
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सभासद सूरजपाल मौर्य व रामबहादुर प्रजापति ने बताया कि मोहल्ला खेड़ा निवासी नंदराम प्रजापति घर में मिट्टी के बर्तन आदि बनाते हैं। उनका बेटा प्रीत जन्म से ही दिव्यांग है। मंगलवार शाम मोहल्ले के बच्चे बारिश में खेलने लगा। वह भी तीन लकड़ी की तीन पहिया गाड़ी के सहारे बच्चों के पास गया। खेलते हुए वह काली मंदिर की ओर ढलान वाली सड़क की ओर चला गया। वहां किनारे स्थित नाले में गिर गया। पानी के तेज बहाव के कारण बह गया। साथी बच्चों के देखने पर नहीं दिखा तो शोर किया। बच्चों का शोर सुनकर मोहल्ले के लोग नाले के पास पहुंचे। उन्होंने पुलिस और पालिका प्रशासन को सूचना दी। अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी रेस्क्यू टीम के साथ वहां पहुंचे। कर्मचारियों ने नाले में उतरकर प्रीत की तलाश की लेकिन नहीं मिला। यह नाला घटनास्थल के कुछ दूरी पर सात फुट गहरा और छह फुट चौड़ा है। कालीधाम मंदिर से अब्दुल कलाम पार्क, अबादापुर पुलिया, तहसील रोड स्थित पेट्रोल पंप तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कर्मचारियों ने नाले पर कई स्थानों पर पड़े लोहे व सीमेंट के स्लैब हटाकर देखे लेकिन प्रीत नहीं मिल सका। जब तक एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा, चेयरमैन आबिद अली, नायब तहसीलदार दिप्तीपाल, इंस्पेक्टर वीनू चौधरी आदि अधिकारी पहुंच गए।
मंत्री ने डीएम से एसडीआरएफ भेजने को कहा : पूर्व चेयरमैन संजीव सक्सेना ने बताया कि उन्होंने पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह को घटना के बारे में बताया। इसपर मंत्री ने डीएम को कॉल करके एसडीआरएफ टीम भेजकर बच्चे की तलाश करने के लिए कहा। रोशनी न होने पर लौटी टीम : राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम आई लेकिन रोशनी की व्यवस्था न होने पर अलसुबह अभियान चलाने की बात कहकर चली गई।
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पिछले सप्ताह दिलवाई थी तीन पहिया गाड़ी-मासूम की दादी ने बताया कि प्रीत जन्म से दिव्यांग है। वह बोलने में असमर्थ है। सही से चल भी नहीं पाता है। पिछले सप्ताह राईसती देवी के मेले से प्रीत को लकड़ी की तीन पहिया गाड़ी दिलवाई थी। उसके सहारे वह आसानी से चलता है। मंगलवार को बारिश में हुई फिसलन और पालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण नाले में गिरकर डूब गया। उसको जल्द तलाशने की गुहार लगाई है।



नाले में उतरा रही जिम्मेदारों की लापरवाही
आंवला : कस्बे के अधिकतर गहरे और चौडे नालों पर स्लैब नहीं पड़े हैं। इस कारण बच्चे और राहगीर गिरकर चोटिल हो चुके हैं। आज जहां बच्चा गिरा, उसके पास छह फुट लंबाई-चौड़ाई के दो नाले आबादी के बीच में ही हैं। उनपर भी स्लैब नहीं है।
मीरगंज : जौनेर में सड़क किनारे बने गड्ढे में डूबने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। घटना छह जुलाई की है। सिमरिया के आंगनबाड़ी केंद्र के पास बने गड्ढे में डूबने से दो साल की बच्ची की भी मौत हो चुकी है। दोनों ही गड्ढों का सुरक्षा घेरा नहीं था।
फरीदपुर : पचौमी गांव में धीरज उर्फ राजा (8) की तालाब में डूबने से मौत हुई थी। घटना 13 जुलाई 2024 की है। वहीं, फरीदपुर के मोहल्ला परा निवासी विक्की (25) तालाब में डूब गए थे। घटना 21 अक्तूबर 2025 की है। इनायतपुर के रामवीर (40) की भी तालाब में डूबने से मौत हुई थी। तालाबों के चारों ओर सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। कस्बे के सभी नालों पर स्लैब नहीं डाले गए हैं।
बहेड़ी : पचपेड़ा के तालाब में एक साल पहले हरीश की डूबने से मौत हुई थी। अकबराबाद की नहर में डूबने से राजेंद्र की मौत हो चुकी है। जाफरी चौराहा रोड पर नाले में भी अज्ञात शव मिला था। बहेड़ी के सभी नालों के इर्द-गिर्द सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया है। मेन रोड पर दुकानदारों ने खुद स्लैब डालकर नाले बंद कर दिए हैं।
सिरौली : थाने के पास, हरिबाबा मंदिर व शाहबाद रोड
फतेहगंज पूर्वी में दातागंज मार्ग, शीशगढ़ और सिरौली थाने के पास, हरिबाबा मंदिर, शाहबाद रोड और बस्ती के बीच से गुजरते बड़े नालों पर स्लैब नहीं डाले गए हैं। क्षेत्रों में अधिकतर नालों का यही हाल है।

वर्जन,
टीम डूबे हुए दिव्यांग बच्चे की तलाश कर रही है। मौके पर एसडीएम व सीओ मौजूद हैं। वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। बच्चे को जल्द बहार निकाल लिया जाएगा। एसडीआरएफ की टीम को वहां भेजा है। - अविनाश सिंह, जिलाधिकारी

दो जेसीबी और 60 कर्मचारियों के माध्यम से बच्चे की तलाश कराई जा रही है। वह अबतक नहीं मिल सका है। अगली कार्ययोजना में जल्द-से-जल्द नालों को बंद कराया जाएगा। सुरक्षा इंतजाम कराए जाएंगे कि दोबारा हादसा न हो। - प्रदीप गिरी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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