फरीदपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) फरीदपुर को ''सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'' के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत 15 करोड़ रुपये से संसाधन जुटाने के साथ ही आधुनिकीकरण के कार्य होंगे। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। संस्थान को यह दर्जा मिलने के बाद शिक्षकों को और बेहतर ढंग से प्रशिक्षित किया जा सकेगा।
शासन स्तर से प्रदेश में बरेली के अलावा 14 अन्य जिलों के डायट का चयन किया गया है। पिछले वर्ष पहले चरण में 13 डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की योजना है कि शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक आवश्यकता व तकनीकी के अनुरूप विकसित किया जाए।
डायट प्रवक्ता दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि इसी क्रम में यहां भी आधुनिकीकरण के कार्य होने हैं। प्राचार्या कल्पना सिंह ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संबंधित कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति में उनके अलावा वरिष्ठ प्रवक्ता मनोज कुमार भी शामिल हैं।
ये होंगे कार्य
डायट स्तर पर गठित समिति की ओर से निदेशक, एससीईआरटी के निर्देशानुसार आवश्यक ले-आउट और एस्टीमेट तैयार किया गया है। पुराने प्रशासनिक भवन, कक्ष की मरम्मत के साथ ही नया प्रशासनिक भवन, 12 क्लास रूम, पांच लैब, आधुनिक लाइब्रेरी, रिकार्डिंग रूम, कंप्यूटर रूम, ऑडिटोरियम, सेमिनार हाल, स्टाफ क्वाटर, हॉस्टल आदि के लिए कुल 15 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।