लाखों रुपये की चोरी की आशंका
डिपो के कर्मचारियों ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद आईओसी को सूचित किया गया। आईओसी के अधिकारी ऋषभ कुमार और सुशांत सिंह भी बरेली पहुंच गए। उन्होंने टैंकर का जायजा लिया। इसके बाद फोरमैन और डीजल पंप प्रभारी से पूछताछ की। अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि इस टैंकर से बरेली डिपो के डीजल पंप पर कितनी बार डीजल भेजा गया। देर रात तक अधिकारी पड़ताल में जुटे थे। अनुमान है कि डीजल चोरी लाखों में हो सकती है।
बरेली डिपो के एआरएम संजय श्रीवास्तव ने बताया कि आईओसी के आंवला डिपो से आने वाले डीजल टैंकर में ही बाईपास टैंक और पाइप लगा हुआ था। इसी के जरिये चोरी की जा रही थी। आईओसी को कार्रवाई के लिए लिखा गया है। रोडवेज की ओर से भी मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। आईओसी की टीम फिलहाल जांच कर रही है। डीजल टैंकर के संबंध में रिकाॅर्ड खंगाले जा रहे हैं। अब तक कितनी चोरी हुई, जांच के बाद ही इसका आकलन किया जा सकता है।