बरेली। नगर निगम ने शुक्रवार की घटना से भी सबक नहीं लिया। शनिवार को मधुमक्खियों का छत्ता हटाए बिना ही गांधी उद्यान को खोल दिया गया। यहां रोज करीब 500 लोग घूमने आते हैं। ऐसे में अब भी मधुमक्खियों के हमले का खतरा बना हुआ है।
शुक्रवार को गांधी उद्यान में मधुमक्खियों ने हमला कर दर्जनों लोगों को घायल कर दिया था। कई लोग बेहोश भी हो गए थे। उद्यान के अंदर से लेकर बाहर सड़क तक अफरा-तफरी मची थी। बाद में पार्षद पुष्पेंद्र माहेश्वरी ने लोगों को बाहर निकलवाकर उद्यान का गेट बंद करवा दिया था। शनिवार सुबह नगर निगम ने कोई एहतियाती उपाय किए बिना ही उद्यान को दोबारा खोल दिया। अगर दोबारा मधुमक्खियां हमलावर हुईं तो क्या होगा? इसके बारे में किसी ने नहीं सोचा।
मधुमक्खियों के छत्ते में हाथ कौन डाले
नगर निगम के पर्यावरण अधिकारी राजीव राठी ने मामले की जानकारी से इन्कार करते हुए कहा कि इसे दिखवाया जाएगा। दिक्कत यह है कि एक जगह से हटा देंगे तो वे दूसरी जगह छत्ता बना लेंगी। उद्यान में कैंटीन व रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रहे गौरव चौहान ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी नगर निगम को दे दी है। अगर निगम की तरफ से छत्ता नहीं हटवाया गया तो वह स्वयं छत्ता तोड़ने वाले किसी व्यक्ति को बुलाकर रात में छत्ता हटवा देंगे ताकि घटना की पुनरावृत्ति न हो।