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Bareilly News: डायबिटिक और 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों की होगी टीबी जांच, सर्वे शुरू

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बरेली। सामान्य लोगों के मुकाबले डायबिटीज पीड़ित व्यक्ति को क्षय रोग (टीबी) होने की आशंका चार गुना ज्यादा होती है। वहीं, 60 वर्ष आयु पूरी कर चुके लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। लिहाजा, स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन्हें चिह्नित कर टीबी की जांच करेंगी।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. इंतजार हुसैन के मुताबिक, शासनादेश के तहत एक जनवरी से जिले में यह कवायद शुरू की गई है। सभी सीएचसी, पीएचसी और यूपीएचसी की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। डायबिटिक और 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों समेत 18.5 किलोग्राम से कम बीएमआई वाली कुपोषित जनसंख्या, धूम्रपान एवं नशा करने वाले, इलाज प्राप्त कर रहे टीबी रोगियों के साथ रहने वाले लोगों, इलाज पूरा करा चुके टीबी रोगियों और एचआईवी ग्रस्त मरीजों की जांच की जाएगी।
बीते दिनों जिलाधिकारी की बैठक में मौजूद सभी चिकित्साधिकारियों, चिकित्सा अधीक्षकों और संबंधी टीम प्रभारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। सभी केंद्रों की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों से संदिग्ध लक्षणों के बाबत पूछताछ कर रहीं हैं।
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संदिग्ध लक्षण वाले जरूर कराएं जांच
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने लोगों से अपील की है कि अगर उनमें टीबी के संदिग्ध लक्षण है तो जांच जरूर कराएं। जागरूकता से ही टीबी काे हराया जा सकता है। दो सप्ताह से ज्यादा तक खांसी आना, बलगम में कभी-कभी खून आना, वजन घटना, रात को पसीना निकलना, सीने में दर्द, थकावट का अहसास आदि टीबी के शुरुआती लक्षण हैं।

19,717 मरीज खोजे, दस हजार का इलाज शुरू
जिला क्षय रोग केंद्र से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में अभियान के तहत 19,717 नए मरीज खोजे गए। इसमें से दस हजार मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। टीबी के मरीजों की जानकारी देने में बरेली के निजी अस्पताल लक्ष्य से आगे हैं। 8,250 के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 9,945 मरीजों की रिपोर्टिंग की गई है। निक्षय मित्र बनाने में फरीदपुर सीएचसी अव्वल है। अमर उजाला ब्यूरो
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