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Bareilly News: बीडीए के खिलाफ धरने पर बैठे व्यापारी, बुधवार को निकालेंगे उपाध्यक्ष की प्रतीकात्मक शवयात्रा

Mon, 05 May 2025 02:36 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

गुलजार मार्केट के ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों ने बीडीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बुधवार को बीडीए उपाध्यक्ष की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालने का एलान किया है। 
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बीडीए के खिलाफ स्वीकृत मानचित्र लेकर धरना देते संयुक्त व्यापार मंडल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में आईवीआरआई रोड स्थित गुलजार मार्केट के ध्वस्तीकरण को लेकर संयुक्त व्यापार मंडल के पदाधिकारी सोमवार को उसी परिसर में धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने मार्केट का मानचित्र स्वीकृत होने का दावा करते हुए इससे संबंधित दस्तावेज भी दिखाए। बीडीए उपाध्यक्ष के बयान पर नाराजगी जताई। पदाधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को वे बीडीए उपाध्यक्ष की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालेंगे। रिवाज के मुताबिक वे सिर भी मुड़वाएंगे। समर्थन में पीलीभीत के व्यापारी भी इसमें शामिल होंगे।

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ध्वस्तीकरण से प्रभावित सात दुकानदारों के परिवार और संयुक्त व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बीडीए के अफसरों पर भवन स्वामी से सांठगांठ का आरोप लगाया। कहा कि मलबा उठाने के लिए अगर बीडीए ने बुलडोजर नहीं भेजे तो फिर भवन स्वामी ने भेजे होंगे। 

बीडीए के साथ मिलकर रचा गया षड्यंत्र
उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के महानगर अध्यक्ष शोभित सक्सेना ने बताया कि वहां करीब 1400 वर्गगज जमीन है। उस पर एल शेप में मार्केट बनी थी। पीछे करीब 900 वर्गगज जमीन खाली पड़ी है। बताया कि मार्केट की वैल्यू 40 करोड़ रुपये है, जबकि बैनामे के मुताबिक इसको 4.90 करोड़ में खरीदा गया है। बेशकीमती जमीन को खाली कराने के लिए बीडीए के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा गया है। 
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प्राधिकरण ने व्यापारियों को बेरोजगार कर भवन स्वामी को करोड़पति बनाने के लिए सांठगांठ के तहत कार्रवाई की है। इस मौके पर व्यापारी नेता रामकेश शुक्ला, अनिल अग्रवाल, अमरजीत बक्शी, विशाल मल्होत्रा, रामकृष्ण शुक्ला व अन्य लोग मौजूद रहे।

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बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने बताया कि कार्रवाई नियमों के अनुरूप है। ध्वस्तीकरण से पहले नोटिस दिया गया। संबंधित पक्ष का जवाब भी लिया गया। मेरा पहले दिन से यही कहना है कि अगर कार्रवाई गलत है तो आप शिकायत कर सकते हैं। सिर्फ आरोप लगाने का कोई मतलब नहीं है।

एल शेप में सिर्फ एक मार्केट, नोटिस में भी दीवारों का जिक्र
भवन का मानचित्र दिखाने पर बीडीए अधिकारियों ने दावा किया था कि वह दूसरी मार्केट का है। इधर, व्यापारियों का दावा है कि एल शेप में वहां कोई दूसरी मार्केट है ही नहीं। उनके पास जो मानचित्र है, उस पर बीडीए की सील और हस्ताक्षर भी हैं। वहीं, 23 अप्रैल को जारी नोटिस में बीडीए ने 439 वर्गमीटर जमीन पर कुछ दुकानें और प्रथम तल पर तीन फ्लैट दर्शाया है। भूतल पर स्वीकृति के बिना ही कुछ दुकानों की दीवार बनाए जाने का जिक्र किया है। ऐसे में नवनिर्माण को ध्वस्त करना था। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि 40 साल पहले बनी मार्केट दूसरे के खरीदार के हाथ में जाते ही दो साल में अवैध कैसे हो गई?
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