बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने बताया कि कार्रवाई नियमों के अनुरूप है। ध्वस्तीकरण से पहले नोटिस दिया गया। संबंधित पक्ष का जवाब भी लिया गया। मेरा पहले दिन से यही कहना है कि अगर कार्रवाई गलत है तो आप शिकायत कर सकते हैं। सिर्फ आरोप लगाने का कोई मतलब नहीं है।
एल शेप में सिर्फ एक मार्केट, नोटिस में भी दीवारों का जिक्र
भवन का मानचित्र दिखाने पर बीडीए अधिकारियों ने दावा किया था कि वह दूसरी मार्केट का है। इधर, व्यापारियों का दावा है कि एल शेप में वहां कोई दूसरी मार्केट है ही नहीं। उनके पास जो मानचित्र है, उस पर बीडीए की सील और हस्ताक्षर भी हैं। वहीं, 23 अप्रैल को जारी नोटिस में बीडीए ने 439 वर्गमीटर जमीन पर कुछ दुकानें और प्रथम तल पर तीन फ्लैट दर्शाया है। भूतल पर स्वीकृति के बिना ही कुछ दुकानों की दीवार बनाए जाने का जिक्र किया है। ऐसे में नवनिर्माण को ध्वस्त करना था। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि 40 साल पहले बनी मार्केट दूसरे के खरीदार के हाथ में जाते ही दो साल में अवैध कैसे हो गई?