बरेली। वित्तमंत्री पद पर रहते हुए राजेश अग्रवाल ने शहर के लिए तमाम सपने बुने। कई पुल, रोड चौड़ीकरण, पाइपलाइन, सीवर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल समेत साढ़े तीन सौ करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट इसमें शामिल हैं। उन्होंने न केवल इन परियोजनाओं को पास कराया, बल्कि प्रमुखता से बजट दिलाकर करीब ढाई सौ करोड़ के प्रोजेक्ट का काम भी शुरू कराया। हालांकि सौ करोड़ के प्रोजेक्ट अभी पाइपलाइन में भी हैं। मगर मंगलवार को उनके इस्तीफे के बाद इन तमाम प्रोजेक्ट पर ग्रहण लगने की चर्चाएं भी शुरू हो गईं।
कुछ बड़े प्रोजेक्ट का हाल
आईवीआरआई ओवरब्रिज
38.23 करोड़ रुपये की लागत से 701.70 मीटर लंबे पुल का निर्माण मार्च 2016 में पूरा होना था। इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले सेतु निगम के अफसरों ने लापरवाही दिखाई। अब क्रासिंग पर रेलवे अपने हिस्से का पुल और अंडरपास बनाने में देरी कर रहा है। इससे इस पुल का करीब 20 फीसदी काम अधूरा है।
लालफाटक ओवरब्रिज
82.49 करोड़ रुपये की लागत से 955.42 मीटर लंबे इस पुल का काम पूरा करने में सबसे बड़ा अड़ंगा कैंट की 6500 वर्गमीटर जमीन न मिल पाना है। रेलवे ने भी क्रासिंग पर काम शुरू करने में देरी की है। अभी 60 फीसदी काम बाकी है।
नकटिया नदी पर दो पुल
बरेली-शाहजहांपुर मार्ग पर नकटिया नदी पर 5.50 करोड़ की लागत से 70.88 मीटर लंबा पुल सितंबर 2018 में स्वीकृत हुआ था। इसी तरह बरेली-बीसलपुर रोड पर नकटिया नदी पर ही इतना ही लंबा पुल 12.59 करोड़ से मंजूर है। अभी दस फीसदी ही काम हो सका है।
चौपुला फ्लाईओवर
तीन लेन उपरिगामी सेतु और इसी से जुड़ा बरेली-बदायूं मार्ग और पुराने बस अड्डे के लिए दो लेन उपरिगामी सेतु का 1108 मीटर लंबा फ्लाईओवर अक्तूबर 2018 में मंजूर हुआ था। शुरुआत में इसका नक्शा तय करने में काफी विलंब हुआ। पुल का निर्माण काफी धीमी गति से चल रहा है। अभी 90 प्रतिशत काम बाकी है।
सेटेलाइट फ्लाईओवर
यहां 597 मीटर लंबा फ्लाईओवर 26.78 करोड़ रुपये की लागत से अक्तूबर 2018 में शुरू हुआ था। इसका काम रुक-रुककर हो रहा है। अभी केवल 10 फीसदी ही काम हो सका है।
जल निगम के प्रोजेक्ट
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
अमृत मिशन योजना के तहत बेनीपुर चौधरी ग्राम में 2.77 हेक्टेयर भूमि पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम हाल ही में शुरू किया गया है। पहली किश्त के तौर पर अभी सिर्फ 15 करोड़ रुपये ही मिले हैं। शहर में 56.68 करोड़ रुपये की लागत से 12.74 किमी. लंबी नई सीवर ट्रंक लाइन को मंजूरी मिल गई है लेकिन अभी बजट नहीं मिला है। इसके अलवा 8.5 करोड़ की लागत से कालीबाड़ी और पुराना शहर क्षेत्र के लिए ओवरहेड टैंक और पानी की पाइपलाइन का प्रोजेक्ट अभी निर्माणाधीन है।
पाइपलाइन में यह प्रोेजेक्ट
फोरलेन का काम
सेटेलाइट से हवाई अड्डा और डेलापीर से पीलीभीत बाईपास तक रोड का फोरलेन बनाया जाना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने करीब 60 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया है लेकिन अभी काम शुरू नहीं हुआ है।
बीसलपुर रोड पर फ्लाईओवर
बरेली-बीसलपुर रोड पर बड़ा बाईपास रोड के ऊपर करीब एक किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनना है। इसमें करीब 80 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इस प्रोजेक्ट भी अब तक शुरू नहीं हो सका है।
मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव अधर में
पिछले दिनों राजेश अग्रवाल ने सर्किट हाउस में मानसिक अस्पताल की जमीन पर बनवाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि इसको लेकर वह केंद्र सरकार से बात कर रहे हैं। अब यह प्रोजेक्ट भी अधर में नजर आ रहा है।