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जानलेवा हुए सड़क के बीच खड़े पोल, अफसर रिफ्लेक्टर लगाकर भूले

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नाबालिगों के हाथ में थी हाईस्पीड बाइक, हेलमेट होता तो शायद बच जाती जान
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बरेली। पीलीभीत बाईपास पर सड़क के बीच लगे पोल कई लोगों की मौत की वजह बन चुके हैं और अफसर यहां रिफ्लेक्टर लगवाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर बैठे हैं। बुधवार शाम का हादसा भी इन्हीं पोल की वजह से हुआ। तेज रफ्तार निकले छात्रों की बाइक बस सामने देखकर अनियंत्रित होकर पोल से जा टकराई। इससे एक छात्र की मौत हो गई और उसके साथी घायल हो गए। छात्रों ने हेलमेट भी नहीं लगाया था।
पीलीभीत बाईपास पर सेटेलाइट बस स्टैंड से फीनिक्स मॉल के सामने होकर मयूर वन चेतना केंद्र तक कई जगह बिजली के पोल चौड़ीकरण के बाद सड़क के बीच आ गए हैं। कुछ जगह पुराने प्रवेशद्वार और यूनिपोल भी सड़क के दायरे में आ गए हैं, जिनकी वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। बुधवार शाम जिंगलबेल स्कूल के छात्रों के साथ हुई घटना की वजह भी ऐसा ही एक पोल था। बजरंग ढाबा के पास मशीनरी स्टोर चलाने वाले व्यवसायी भगवत शरण गंगवार का बेटा शशांक स्कूल से अपने दोस्त अमन की बाइक लेकर बस्ता रखने घर आया था। वापसी में वह बाइक देने स्कूल की ओर लौट रहा था। साथी कुणाल और नितिन पीछे बैठे थे। परिवार वालों के मुताबिक टनकपुर डिपो की कोई बस अचानक ही इनके सामने आ गई। शशांक ने बस से बचने की कोशिश की लेकिन बाइक कंट्रोल नहीं कर सका और बाइक पोल में जा टकराई। इसके बाद कोहराम मच गया। हालांकि मौके पर किसी ने भी बस देखने की बात नहीं कही। पुलिस का कहना है कि स्थानीय लोग कुत्ता सामने आने से बाइक का संतुलन बिगड़ने की बात बता रहे थे।
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यूपी 112 पुलिस ने नहीं की मदद
हादसे में जहां कुणाल को गंभीर चोटें लगने के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं नितिन बाइक से कूदने की वजह से बाल-बाल बच गया। उसे कुछ खरोंच और मामूली चोटें आईं लेकिन वह घबराने की वजह से कुछ बोल नहीं पा रहा था। हादसे के बाद आसपास चल रहे दूसरे छात्र ही घायलों को लेकर अस्पताल आए। छात्रों के मुताबिक घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर ही एक यूपी 112 पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। उन्होंने पुलिसकर्मियों से मदद भी मांगी पर उन्होंने मुख्यालय से आदेश न होने की बात कही।

शशांक के घर मचा कोहराम
शशांक के घर सैकड़ों लोगों की भीड़ थी। शशांक की मां और परिवार की महिलाएं रो रही थीं। मामा पंकज ने बताया कि शशांक से बड़ा भाई विशाल है जो पढ़ाई कर रहा है। उनका कहना था कि टनकपुर डिपो की बस तेजी से पीलीभीत दिशा में चली गई। वह रोडवेज बस स्टैंड पर जाकर टाइमिंग के हिसाब से बस की जानकारी जुटाएंगे और कार्रवाई करेंगे।
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अमर उजाला ने चेताया पर नहीं हटे पोल
बरेली कॉलेज से गांधी उद्यान रोड से लेकर सेटेलाइट स्टैंड और फिर पीलीभीत बाईपास पर कई जगह रोड के बीच में पोल लगे हैं। शाहदाना चौराहो से डेलापीर तक यही हाल है। अक्सर तेज रफ्तार या अनियंत्रित वाहन इनमें टकरा जाते हैं। शहर में पहली बार आने वाले वाहनों के चालक भी भ्रमित होकर अपने वाहनों को यहां भिड़ा बैठते हैं। इस तरह के हादसों में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। कई बार सड़क के गड्ढों तो कई बार स्पीडब्रेकर की वजह से अनियंत्रित वाहन हादसे का शिकार होते हैं जिससे लोगों की जान पर बन आती है। ऐसे ही पोल की वजह से हाल ही में डोहरा मोड़ के पास पोल से बाइक टकराने से दो युवकों की मौत हो गई थी। स्पीडब्रेकर से तेज रफ्तार कार उछलने पर कपड़ा व्यापारी के बेटे लवजोत की मौत हो गई थी। अमर उजाला कई बार इन समस्याओं को उजागर करके अफसरों को आइना दिखा चुका है। हर हादसे के बाद हर बार अफसर मौके पर रिफ्लेक्टर लगवाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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