- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन फाइनल करने में जुटा जिला प्रशासन
बरेली। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने के लिए ततारपुर में देखी गई खाद के गड्ढों वाली जमीन का उपयोग परिवर्तित होगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। ततारपुर समेत तीन स्थानों पर एसटीपी के लिए जमीन फाइनल हो गई है। चौथे एसटीपी के लिए कैंट के गांव बारीनगला में 15 लाख रुपये बीघा की दर से किसान से 13 बीघा जमीन खरीदी जाएगी।
नमामि गंगा परियोजना के तहत नालों का गंदा पानी शोधन के बाद नदियों में भेजने के लिए शहर में चार स्थानों पर एसटीपी लगाए जाने हैं। नालों का पानी सीधे नदियों में न मिले, इसके लिए दो एसटीपी को हरूनगला और तुलाशेरपुर में सरकारी जमीन मिल गई है। वहीं, इज्जतनगर के ततारपुर में जो सरकारी भूमि देखी गई है, राजस्व रिकार्ड में वहां खाद के गड्ढे थे। लिहाजा जिला प्रशासन ने इसका भूउपयोग बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस प्रकार तीन एसटीपी के लिए जमीन लगभग फाइनल मानी जा रही है। चौथे एसटीपी के लिए कैंट के गांव बारीनगला के किसान सुरेश चंद्र और बाबूराम की जमीन खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। किसान यह जमीन 15 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से बेचने को तैयार हैं। इस आधार पर माना जा रहा है कि चारों एसटीपी की जमीन जल्दी ही फाइनल हो जाएगी।