बरेली। बरेली-मथुरा हाईवे का करीब 1200 करोड़ का प्रोजेक्ट एनएचएआई के बजाय अब यूपी स्टेट हाईवे अथॉरिटी (यूपीएसएचए) पूरा करना है। एनएचएआई से प्रोजेक्ट वापस होने के बाद प्रशासन हाईवे किनारे भूमि संबंधी अधिग्रहण के रिकार्ड पहले ही वापस कर चुका है। हालांकि राज्य सरकार के सामने इस प्रोजेक्ट के लिए इतना बड़ा बजट जारी कर पाना आसान नहीं है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट के लटकने की आशंका जताई जा रही है।
मार्च, 2018 में 225 किमी लंबे इस हाईवे को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर इसके चौड़ीकरण का प्रोजेक्ट तैयार किया था। इसके बाद हाईवे को 14 के बजाय 17 मीटर चौड़ा करने सहित कई और कामों के लिए करीब 1200 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इसके लिए एनएचएआई ने जिला प्रशासन की मदद से बरेली और बदायूं जिले में 113 गांवों में जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई भी शुरू कर दी थी। इस बीच केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट को वापस ले लिया। इसके बाद विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) के पास इस प्रोजेक्ट से संबंधित भूमि संबंधी जो भी रिकार्ड थे, उन्हें वापस कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद इस प्रोजेक्ट को एनएचएआई के बजाय यूपीएसएचए पूरा करेगा। इसके लिए लिखा-पढ़ी शुरू कर दी गई है। हालांकि यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार के पास वापस जाने से इसके लिए इतना बड़ा बजट जारी करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
इस हाईवे के लिए भूमि संबंधी जो भी रिकार्ड वापस मांगे थे, उन्हें एनएचएआई को पहले ही सौंप दिया गया है। इस प्रोजेक्ट को लेकर राज्य सरकार की तरफ से कोई गाइड लाइंस नहीं मिली है। शासन से मिलने वाले आदेश के अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। -मदन कुमार, एसएलएओ