शाहजहांपुर। नगर निगम का चुनाव हुए साल बीतने को है, लेकिन जनता अब भी क्षेत्र में विकास कार्यों का इंतजार कर रही है। पार्षदों के मुताबिक वे क्षेत्र की समस्याओं को दूर कराने और विकास कराने के लिए प्रस्ताव नगर निगम में दे चुके हैं। इसके बावजूद अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे हैं। पार्षद जनता को जवाब नहीं दे पा रहे हैं। अधिकारी बजट का बहाना बनाकर बात को टाल जाते हैं।
वर्ष 2018 में शाहजहांपुर नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा मिला था। 2023 में नगर निकाय के चुनाव संपन्न कराए गए थे। इसमें महापौर अर्चना वर्मा के अलावा चिनौर, लालपुर, रोजा की आदर्श नगर कॉलोनी समेत कुल 60 वार्डों से पार्षदों चुना गया था। नगर निगम के बोर्ड का गठन हुआ और समय-समय पर बैठक बुलाई गईं, जिनमें पार्षदों की ओर से अपने वार्डों में नाली, सड़क, पुलिया के निर्माण, सफाई, पेयजल ओर प्रकाश व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए तमाम प्रस्ताव रखे गए। जिनको पास करवाया गया, लेकिन इन प्रस्तावों में दिए गए काम आज तक पूरे नहीं हो पाए।
कई वार्डों में सड़कें, नालियां क्षतिग्रस्त हैं। वहीं, पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था बदहाल है। नई स्ट्रीट लाइटें लग पाना दूर की बात है, वर्षों पहले लगे बिजली के पोल गल चुके हैं और तार लटक रहे हैं। इनको दुरुस्त कराने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। पार्षदों का आरोप है कि वर्षों से निगम कार्यालय में जमे कर्मचारियों की मनमानी के चलते उनकी सुनी नहीं जा रही है। कुछ चहेतों के अलावा किसी पार्षद के वार्ड में काम नहीं होने दिए जा रहे हैं, हर बार बजट का बहाना बना दिया जाता है।
एक साल में नहीं बन सकी गली
मैंने बोर्ड की बैठक में पोस्ती पाकड़ वाली गली के निर्माण का प्रस्ताव पास कराया था। एक साल बीतने को है लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। पार्षदों का कोई काम नहीं हो पा रहा। नगर निगम बनने के बाद नाली, पुलिया बनवाना तक मुश्किल है। वार्ड में सफाई कर्मचारी भी कम हैं।
- मजहर हुसैन, पार्षद, खलीलशर्की
टूटी पड़ी सड़क और नाली
सड़क, पुलिया के निर्माण आदि से संबंधित 12-13 प्रस्ताव दिए थे। बॉली कुआं से बड़ी मस्जिद तक रोड तथा एक-दो पुलिया बननी हैं। नालियां टूटी पड़ीं हैं। पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से लीकेज मिलते रहते हैं। तार लटक रहे हैं और पोल जर्जर हालत में हैं। छोटे-छोटे काम करवाना भी मुश्किल है।
- एहसान खान, पार्षद, नई बस्ती
प्रस्ताव पर नहीं किया गौर
नाली व खड़ंजा निर्माण समेत पांच-छह प्रस्ताव दिए गए थे। चमरौदा क्षेत्र में हरदोय बाबा के स्थान पर तमाम लोग इबादत के लिए जाते हैं। नगर निगम के इस रास्ते को लोगों ने जोतकर मेड़ में शामिल कर लिया। इसे बनवाने के लिए कई बार कहा लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई जगह अभी तक जलापूर्ति की पाइप लाइन नहीं पड़ी है।
- सईद खां, पार्षद, ककरा
छोटे-छोटे काम भी अटके
महापौर ने वार्डों में 50 हजार रुपये तक के छोटे काम हर महीने कराने के निर्देश दिए थे। इनमें टूटी नाली की मरम्मत, सड़क के गड्ढे भरने, पेयजल की पाइप लाइन सही कराने, स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे काम हैं। ये काम भी नहीं हो रहे। सड़कों के निर्माण, पक्का पुल का सुंदरीकरण जैसे प्रमुख कार्य नहीं किए जा रहे हैं।
- अनूप गुप्ता, पार्षद, दलेलगंज
पुराने वार्डों की स्थिति खराब
हुंडालखेल, खलीलगर्बी में सड़कों तथा पुलिया निर्माण, हैंडपंप लगवाने समेत कई प्रस्ताव दिए थे। आज तक एक नया हैंडपंप नहीं लगा। सड़कें टूटी पड़ीं हैं। हाईमास्ट लगाई नहीं जा रही। अंडरग्राउंड वायरिंग तो दूर लटके तार तक ठीक नहीं कराए जा रहे। 15 की जगह 7-8 सफाई कर्मचारियों पर 10000 की आबादी क्षेत्र का काम है। पुराने वार्डों की बहुत खराब स्थिति है। - दिवाकर मिश्रा, पार्षद, हुंडालखेल
पार्षदों द्वारा दिए गए प्रस्तावों में जिनको चयनित किया गया होगा, उन पर काम हो रहा है। वर्तमान में आचार संहिता लगी है। इसके खत्म होने के बाद नए कार्यों को कराया जाएगा। पार्षदों के प्रस्तावों की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएंगे। - डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त, शाहजहांपुर
वार्ड ककरा में सफाई न होने से चोक हुई नाली। स्त्रोत : पार्षद
वार्ड ककरा में सफाई न होने से चोक हुई नाली। स्त्रोत : पार्षद
वार्ड ककरा में सफाई न होने से चोक हुई नाली। स्त्रोत : पार्षद
वार्ड ककरा में सफाई न होने से चोक हुई नाली। स्त्रोत : पार्षद
वार्ड ककरा में सफाई न होने से चोक हुई नाली। स्त्रोत : पार्षद
वार्ड ककरा में सफाई न होने से चोक हुई नाली। स्त्रोत : पार्षद
वार्ड ककरा में सफाई न होने से चोक हुई नाली। स्त्रोत : पार्षद