बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने विस्तारित क्षेत्र में शामिल हुए 35 गांवों की तस्वीर संवारने और विकास को रफ्तार देने की तैयारी की है। सबसे पहले महायोजना बनेगी। इसके लिए पांच फर्मों ने प्रस्ताव दिए है। इन फर्मों की क्षमता योग्यता का परीक्षण शुरू हो चुका है। इसके बाद वित्तीय क्षमता का परीक्षण होगा। किसी एक फर्म को जिम्मेदारी मिलेगी। महायोजना में भू-उपयोग चिह्नित हो जाएगा। यह गांव नियोजित विकास की ओर आगे बढ़ेंगे।
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शासन की स्वीकृति पर जून 2024 में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की सीमा में सदर तहसील के पांच, आंवला के 14 और फरीदपुर के 16 गांव शामिल किए गए थे। अब इन गांवों के विकास के लिए मास्टर प्लान (महायोजना) बनाई जानी है। इसके लिए टेंडर निकाले गए हैं।
चयनित फर्म स्थलीय सर्वेक्षण करेंगी। इसके साथ ही भू-उपयोग चिह्नित हो जाएगा। कहां कैसे आबादी बसेगी। कौन सा इलाका ग्रीन बेल्ट रहेगा, कहां इंडस्ट्री लग सकेगी। इसके लिए महायोजना में भू-उपयोग चिह्नित होगा। मुख्य नगर नियोजक अजय सिंह ने बताया कि फर्म का चयन होने के बाद महायोजना बनेगी और भू-उपयोग के अनुसार ही निर्माण कार्य हो सकेंगे।