बरेली। समय से क्षेत्र पंचायतों की बैठक नहीं होने से विकास ग्रामीण इलाकों का विकास बाधित हो रहा है। उप्र विधानसभा की पंचायती राज समिति की बैठक में नाराजगी व्यक्त किए जाने के बाद अफसरों को इसकी याद आई है। हर दो माह में क्षेत्र पंचायत की बैठक का नियम है, लेकिन भोजीपुरा ब्लॉक में आठ जनवरी के बाद बैठक नहीं हुई। रामनगर, भुता व मीरगंज ब्लॉकों में क्षेत्र पंचायत की बैठकें 22 फरवरी को हुई थीं। इसके बाद दोबारा बैठक नहीं हो सकी। अन्य ब्लॉकों का भी यही हाल है।
निदेशक पंचायती राज अमित कुमार सिंह ने 26 अगस्त को आयुक्त ग्राम्य विकास को पत्र भेजकर क्षेत्र पंचायतों की नियमित बैठक कराने के लिए कहा है। डीपीआरओ कमल किशोर का कहना है कि क्षेत्र पंचायत की बैठक समय पर नहीं होगी तो नए विकास कार्यों को स्वीकृति नहीं मिल पाएगी। वह छह महीने में दो बार क्षेत्र पंचायत की बैठक होना जरूरी बताते हैं। बताया कि इस मामले में अभी कुछ दिन पहले ही निदेशक पंचायती राज ने निर्देश भी जारी किए हैं। संवाद