शासन की प्राथमिकता वाले डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्रामों के विकास कार्यों में विभिन्न विभागों के अफसर खेल कर रहे हैं। शुक्रवार को विकास कार्यों की समीक्षा में सीडीओ शिवसहाय अवस्थी ने आंकड़ों का खेल पकड़ा तो अफसरों को जवाब देते नहीं बना। नाराज सीडीओ ने गांवों के नोडल अफसरों के रूप में दौरा न करने वाले सात अफसरों का वेतन भी रोका है। इन्हें कार्रवाई के लिए शासन को लिखने की हिदायत भी दी।
लोहिया गांवों में लगे हैंडपंपों को रीबोर करने की जो सूची जल निगम ने उपलब्ध कराई, वह नोडल अफसरों के सत्यापन में अलग निकली। समीक्षा बैठक में पाया कि दर्जनों हैंडपंपों को रीबोर कराए बिना ही निगम ने उन्हें रीबोर दिखा दिया है। सीडीओ ने जल निगम के एक्सईएन से नाराजगी जताते हुए नए सिरे से न सिर्फ हैंडपंपों की सूची मांगी बल्कि उन्हें सारे हैंडपंप रीबोर करने के आदेश भी दिए। इसी तरह जिला पंचायत राज विभाग ने निर्मल भारत अभियान के तहत शौचालय बनाने की जो रिपोर्ट समीक्षा बैठक में पेश की, वह भी नोडल अफसरों के सत्यापन से अलग थी। सत्यापन में जिन शौचालयों का निर्माण नहीं पाया गया, उनका निर्माण भी पूर्ण और निर्माणाधीन दर्शाया गया। सीडीओ ने डीपीआरओ से नाराजगी जताते हुए सारे शौचालयों की डिजिटल डायरी उपलब्ध कराने को कहा। आरईएस के कई निर्माण भी अधूरे पाए गए। इन्हें बैठक में लगभग पूर्ण बताकर एक्सईएन फंस गए। सीडीओ ने आरईएस के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करके फिर से रिपोर्ट देने के आदेश नोडल अफसरों को दिए। उन्होंने कहा कि लोहिया गांवों के विकास कार्यों को गंभीरता से न लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अब शासन को लिखा जाएगा। लापरवाही और खेल करने वाले अफसरों पर प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई भी होगी। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अफसरों के अलावा बीडीओ भी मौजूद रहे।