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घंघोरा पिपरिया जमीन प्रकरण- सुबह ही दौड़ी प्रशासन की टीम.. भाजपा नेता के गुर्गों को दौड़ाया

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एसडीएम के बुलाने के बावजूद न बसपाई से भाजपाई बने नेता पहुंचे और न उनके बाकी पैरोकार
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पीड़ित पक्ष ने प्रमाण दिखाए तो एसडीएम बोले- जमीन शिकायतकर्ता की, किसी तरह के निर्माण पर रोक
बरेली। भोजीपुरा के घंघोरा पिपरिया में करीब 42 बीघा जमीन पर दबंगई दिखाकर कब्जा करने से हड़कंप मचने के बाद प्रशासनिक मशीनरी एक्टिव हो गई। मामला तहसील तक पहुंचने के बाद एसडीएम ने दोनों ही पक्षों को शनिवार को जांच-पड़ताल के लिए बुलाया, लेकिन न तो बसपाई से भाजपाई बने नेता पहुंचे और न ही बाकी पैरोकार। हालांकि शिकायतकर्ता मनीष पुरी पहुंचे और एसडीएम को जमीन की खतौनी और अमल दरामद के कागज दिखाए हैं। एसडीएम का कहना है कि रिकार्ड देखकर प्रथम दृष्टया भूस्वामी के तौर पर मनीष पुरी के होने की पुष्टि हो रही है। बताते हैं कि इस जमीन पर दूसरे पक्ष के लोगों ने शुक्रवार सुबह भी जमीन को जोतने की कोशिश की, लेकिन एसडीएम के पास शिकायत पहुंचने उन्होंने मौका-मुआयना के लिए प्रशासन की टीम मौके पर होने के कारण कुछ कर नहीं पाए। एसडीएम ने इस विवादित भूमि पर फिलहाल किसी तरह से निर्माण पर रोक लगा दी है।
मॉडल टाउन के रहने वाले मनीष पुरी ने एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह को शिकायत की थी कि उन्होंने वर्ष 2014 में घंघोरा पिपरिया में नैनीताल हाईवे से लगी करीब 42 बीघा जमीन खरीदी थी। उसके बाद उसका अपने नाम दाखिल खारिज भी करा लिया था। इसके कुछ समय बाद ही तीन लोगों ने उनकी इस जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा कराकर अपने नाम दाखिल खारिज करा लिया। उस समय तो उन्हें इस फर्जीवाड़े की भनक नहीं लग पाई, लेकिन जानकारी होने पर पता चला कि एक व्यक्ति ने पहले इस जमीन को अपने नाम दर्ज कराया था और फिर उसे दो लोगों के हाथ बेच दिया था। मनीष पुरी का कहना है कि बृहस्पतिवार को बसपाई से भाजपाई हुआ एक नेता अपने सरकारी गनर और 14-15 गुर्गों के साथ जेसीबी लेकर घंघोरा पिपरिया पहुंच गया और जमीन पर जबरन कब्जा करना शुरू कर दिया। जेसीबी से जमीन पर बाउंड्री बनाने के लिए खुदाई शुरू कर दी गई। मनीष का आरोप है कि जबरन कब्जा किए जाने की जानकारी मिलने पर वह कुछ लोगों को लेकर मौके पर पहुंचे तो लाठी और बंदूकों से लैस लोगों ने उन्हें घेर लिया। इस मामले की जांच शुरू करते हुए एसडीएम ईशान प्रताप सिंह ने जमीन का स्वामित्व तय करने के लिए शुक्रवार को तहसील में दोनों ही पक्षों जांच-पड़ताल के लिए बुलाया था, लेकिन शिकायतकर्ता मनीष पुरी ने ही एसडीएम के पास पहुंचकर जमीन की खतौनी और बैमाना के कागज दिखाए हैं। दूसरा पक्ष नहीं आया। एसडीएम को जांच में मिला है कि संबंधित जमीन के रिकार्ड में मनीष पुरी का नाम दर्ज होने की पुष्टि हो रही है। दूसरे पक्ष के न पहुंचने पर एसडीएम ने विवादित जमीन पर किसी तरह के निर्माण पर रोक लगा दी है। बताते हैं कि शुक्रवार सुबह दूसरे पक्ष के कुछ लोग ने जमीन जोतने की कोशिश की थी लेकिन एसडीएम ने लेखपालों की टीम को मौके पर भेजकर जमीन की पैमाइश भी कराई है।
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‘इस मामले में दोनों पक्षों को जांच के लिए बुलाया था। इसमें शिकायत करने वाला पक्ष ही आया था। जमीन के कागजों पर मनीष पुरी का ही नाम मिला है। विवादित जमीन पर किसी तरह के निर्माण पर रोक लगा दी है।’
-ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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