रामगंगानगर आवासीय परियोजना
सभी सेक्टर के आवंटियों को भी आने-जाने के लिए मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
बीडीए उपाध्यक्ष ने करीब 12 करोड़ का प्रस्ताव कमिश्नर के समक्ष रखा
बरेली। वर्ष 2004 में 270 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की गई रामगंगानगर आवासीय परियोजना में बाशिंदों को कनेक्टिविटी की सुविधा देने के लिए बीसलपुर-डोहरा रोड के बीच 45 मीटर चौड़ा और पांच किलोमीटर लंबा बाईपास बनाया जाएगा। बीडीए करीब 12 करोड़ रुपये का प्र्रस्ताव शासन में भेज चुका है। इस परियोजना को लेकर बीडीए उपाध्यक्ष ने बुधवार को कमिश्नर रणवीर प्रसाद के साथ बैठक करके कई प्रस्तावित योजनाओं को लेकर भी मंथन किया।
आवंटी न मिलने से ठप पड़ी ये आवासीय परियोजना बीसलपुर और डोहरा रोड का कनेक्ट करती है, लेकिन इसके लिए कोई मुख्य मार्ग नहीं था। बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने इसके लिए इन दोनों ही रोड के बीच करीब पांच किलोमीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ी रोड का प्रस्ताव तैयार किया है। इस रोड के बन जाने से बीसलपुर रोड से रामगंगानगर होते हुए डोहरा रोड और पीलीभीत रोड को सीधे जोड़ा जा सकता है। इसी तरह पीलीभीत से बीसलपुर के लिए भी इस रोड का इस्तेमाल होने से आवागमन की सुविधाएं बढ़ जाएंगी। इस चौैड़ी रोड से रामगंगानगर के सभी सेक्टरों से भी स्थानीय लोगों का आना जाना आसान हो जाएगा। दिव्या मित्तल ने कमिश्नर को बताया कि इससे इस आवासीय परियोजना के ले-आउट में कोई फेरबदल नहीं करना पड़ेगा।
रीजनल पार्क के बारे में भी आयुक्त के समक्ष रखा प्रपोजल
रामगंगानगर में 82 हजार वर्गमीटर भूमि पर इस पार्क को आरक्षित किया गया है। बीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि इस जमीन पर पीपीपी मॉडल पर सिटी फॉरेस्ट को विकसित किया जाएगा। वोट क्लब, जॉगिंग पार्क, साइकिल ट्रैक, एडवेंचर जोन, जिप्सम सफारी, घुड़सवारी सहित दूसरे मनोरंजन के साधन भी उपलब्ध होंगे। इसमें सोलर लाइट, ओपन जिम, बच्चों के लिए खेलकूद सामग्री आदि लगाया जाना भी प्रस्तावित है।
‘रामगंगानगर आवासीय परियोजना के विकसित करने और वहां यातायात की समस्या खत्म करने के लिए बीसलपुर-डोहरा रोड को जोड़ने के लिए एक तरह से बाईपास रोड तैयार की जा रही है। इस प्रस्ताव के संबंध में कमिश्नर रणवीर प्रसाद को पूरी जानकारी दे दी है।’
- दिव्या मित्तल, बीडीए उपाध्यक्ष
लाल फाटक- आज होगा तय... क्रॉसिंग पर कौन बनाएगा अस्थायी रोड
बरेली। लालफाटक क्रॉसिंग पर अस्थायी रोड बनाने का काम इसी महीने शुरू हो जाएगा। करीब 1.22 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए मंगलवार को टेक्निकल बिड में दो फर्में शामिल हुई थीं। अब बृहस्पतिवार को वित्तीय निविदा खुलने के साथ ही ठेकेदार भी तय हो जाएगा। अब तक इस रोड के न बनने से लालफाटक ओवरब्रिज का काम रुका चल रहा है। दोनों क्रॉसिंग पर रेलवे अपने हिस्से में आने वाले ओवरब्रिज को भी नहीं बना पा रहा है।
रेलवे ने दोनों क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए प्रशासन और सेतु निगम को एक सितंबर से लालफाटकरोड बंद करने के लिए चिट्ठी लिखी थी, जबकि ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए अस्थायी रोड की योजना बनाई गई, मगर इस पर क्रियान्वयन करने में सेतु निगम के अफसरों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस बीच चार दिसंबर को श्रीकांत शर्मा ने इस पर सख्त नाराजगी जताई थी। रेलवे के अधिकारियों ने शिकायत भी की थी-करीब तीन महीने पहले निर्माण सामग्री मंगवाई जा चुकी है। लेबर और मशीनों का किराया काम कराए बगैर दिया जा रहा है। इस समस्या के हल के लिए 1.22 करोड़ से दोनों क्रॉसिंग के पास 320 मीटर लंबी अस्थायी रोड बनाई जानी है। शासन को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। प्रभारी मंत्री की नाराजगी पर सेतु निगम के अधिकारियों ने पैरवी की तो शासन से बजट भी मंजूर हो गया। सेतु निगम ने मंगलवार को इस काम के लिए टेक्निकल टेंडर खोले थे, जिसमें दो फर्म शामिल हुई थीं। अब बृहस्पतिवार को फाइनेंसियल बिड खुलनी है। जिसका टेंडर सबसे कम होगा, उसे ही इसे बनाने का ठेका दे दिया जाएगा।
‘लालफाटक पर अस्थायी रोड बनाने के लिए बृहस्पतिवार को फाइनेंसियल बिड खुल जाएगी। इसमें दो फर्म शामिल हैं। कोशिश है कि इसी महीने अस्थायी रोड बनाने का काम प्रारंभ करा दिया जाएगा।’
- देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम