कंपनी ने झूठ बोला, डीपीआर खंगालने पर पकड़ा गया सारा मामला
उद्योग बंधु बैठक में उठा था मामला, अब विभाग कराएगा जांच
बरेली। पीएनसी कंपनी ने डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में शामिल नाला और अन्य कई निर्माण नहीं कराएं हैं। छानबीन करने पर झूठ पकड़ा गया तो कंपनी ने सरकारी जमीन पर अपने प्रोजेक्ट का हिस्सा यानी नाला बनवाना शुरू कर दिया है। उद्योग विभाग ने इस पर आपत्ति करते हुए जांच शुरू कर दी है।
पीएनसी बरेली नैनीताल हाइवे प्राइवेट लिमिटेड ने सपा सरकार के कार्यकाल में उपशा (यूपी स्टेट हाईवे अथॉरिटी) के नियंत्रण में बरेली-नैनीताल हाइवे का निर्माण किया था। कंपनी ने डीपीआर में शामिल दर्जनों निर्माण कार्य अभी तक नहीं कराए हैं। नाला आदि नहीं बनने से भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में जलभराव होने लगा, तो उद्यमियों ने मामला उठाया। इस पर कंपनी ने कहा कि नाला डीपीआर में शामिल नहीं है।
डीएम की जांच में पता चला कि डीपीआर में नाला समेत कई निर्माण कंपनी ने नहीं कराए हैं। झूठ पकड़ने के बाद कंपनी ने बोरिंग करा दी। बताते हैं कि कंपनी के लोगों ने जब बोरिंग में गंदा पानी डालना शुरू किया तो लोगों ने एतराज जताया। बाद में प्रशासन ने बोरिंग बंद कराकर नाला बनाने को कहा। कंपनी ने भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सरकारी जमीन पर निर्माण शुरू कराया तो फिर उद्योग विभाग ने इसे रुकवा दिया।
प्रशासन को भ्रमित करने का मामला गंभीर
सरकारी जमीन पर नाला बनाने और प्रशासन को भ्रमित करने का मामला गंभीर है। इस बीच कंपनी ने अपनी सफाई भी दी है। एजीएम विवेक कुमार गुप्ता ने जिला प्रशासन को लिखे पत्र में अपना तर्क जरूर दिया है, लेकिन पूरे प्रकरण की जांच होगी। इससे कंपनी प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।