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लालफाटक ओवरब्रिज- प्रभारी मंत्री के बाद सेतु निगम ने पकड़ी रफ्तार

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बरेली। प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा की सख्ती का असर दिखने लगा है। लालफाटक क्रॉसिंग पर अस्थायी रोड बनाने का महीनों से अटका काम शासन से 1.22 करोड़ रुपये का बजट मंजूर होते ही आगे बढ़ गया है। खुद रोड बनाने के लिए सेतु निगम ने टेंडर लगा दिए हैं। निर्माण इसी महीने शुरू करने की तैयारी है। अस्थाई सड़क बनते ही रेलवे के लिए भी पुल पर लिंटर डालने का रास्ता साफ हो जाएगा।
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रेलवे ने दोनों रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का लिंटर डालने के लिए प्रशासन और सेतु निगम को एक सितंबर से लालफाटक रोड बंद करने के लिए चिट्ठी लिखी थी। इस दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए अस्थायी रोड बनाने की योजना बनाई गई मगर इस पर क्रियान्वयन करने में सेतु निगम के अफसर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। चार दिसंबर को श्रीकांत शर्मा ने इस पर सख्त नाराजगी जताई थी। बता दें कि ओवरब्रिज पर लिंटर डालने के लिए रेलवे लालफाटक पर ट्रैफिक बंद करना चाहता है लेकिन प्रशासन जाम लगने के अंदेशे से सड़क बंद करने पर सहमति नहीं दे रहा है।
इसी समस्या का हल करीब तीन महीने पहले दोनों क्रॉसिंग के पास करीब 320 मीटर लंबी अस्थायी रोड के निर्माण की योजना बनाकर ढूंढा गया था जिसके लिए शासन को 1.22 करोड़ का प्रस्ताव भी भेज दिया गया था, लेकिन इसकी अनुमति के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा था। प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा से फटकार खाने के लिए सेतु निगम के अधिकारियों ने पैरवी शुरू की तो शासन से बजट मंजूर हो गया। अब सेतु निगम ने टेंडर भी लगा दिए हैं। बता दें कि प्रभारी मंत्री ने सेतु निगम के अधिकारियों को लालफाटक पुल हर हालत में मार्च 2020 तक पूरा करने का निर्देश दिया है।
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अस्थायी रोड न बन पाने से घिसट रहा काम
लालफाटकपर ट्रैफिक बंद हो गया तो बदायूं रोड के यातायात का डायवर्जन चौपुला की तरफ हो जाएगा, जिसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने चौपुला पर फ्लाईओवर के काम को रुकवा दिया। लालफाटक पर अस्थायी रोड न बन पाने से चौपुला फ्लाईओवर का निर्माण घिसट रहा है।

लालफाटक पर अस्थायी रोड बनाने का बजट पास हो गया है। इसका ठेका देने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यह काम जल्द शुरू कराया जाएगा। -देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना अधिकारी, सेतु निगम
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