बरेली। प्रमुख सचिव और जिले के नोडल अफसर नवनीत सहगल फिर विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए आ रहे हैं। एक महीने में दूसरे निरीक्षण को लेकर अफसर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे रहे। नवनीत सहगल 18 और 19 दिसंबर को जिले में रहकर कामकाज को परखेंगे। उनका पिछली बार 20 और 21 नवंबर को दो दिन का दौरा काफी चर्चित रहा था। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग सहित कई विभागों में तमाम खामियां और गंभीर गड़बड़ियां के कई बड़े मामलों को पकड़ा था। इसमें कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हुई थी। प्रमुख सचिव के जारी कार्यक्रम के तहत वह 18 दिसंबर को सुबह 10 बजे यहां पहुंचकर कई दफ्तरों का निरीक्षण करेंगे। अगले दिन 19 दिसंबर को वह विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
पिछले निरीक्षण में सामने आए थे ये घपले
आयुष्मान भारत योजना में मिली थी लापरवाही
आयुष्मान भारत योजना को लेकर प्रमुख सचिव ने ये पाया था कि इस योजना में 236000 परिवारों को चयनित किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 123559 परिवारों को चयनित किया गया है। 123458 प्लास्टिक कार्ड प्राप्त किए गए थे। जिसमें से ग्रामीण क्षेत्र में 87721 परिवार के प्लास्टिक कार्डों को वितरित किया जा चुका है। छूटे हुए परिवारों को कार्ड क्यों नहीं वितरित किए गए थे, इसका स्पष्ट जवाब सीएमओ नहीं दे सके थे।
मिड डे मील में पकड़ी थी गड़बड़ी
भोजीपुरा ब्लॉक के घंघौरा-घंघौरी प्राइमरी स्कूल में निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव को मिड-डे मील में बड़ी गड़बड़ी मिली थी। वहां बच्चों को दूध के बजाय चाय पिलाई गई थी। बच्चों को पिछले साल के कोर्स से ही पढ़ाई कराई जा रही थी। मिड-डे मील भी कबाड़ भरे एक कमरे में अंधेरे में बनता मिला। ज्यादातर बच्चों को न तो स्वेटर मिले थे और न ही जूते। शैक्षिक गुणवत्ता भी बेहद खराब थी। इस मामले में हेडमास्टर को सस्पेंड करने के साथ शिक्षिकाओं को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। ब्लॉक के मझौवा गंगापुर अंग्रेजी मीडियम सरकारी स्कूल में हिंदी माध्यम से पढ़ाई होती मिली थी। हालांकि बाद में विभाग ने अपने स्तर से इसकी कोई जांच नहीं कराई।
सोसाइटी पर मिला था खाद वितरण में घपला
भोजीपुरा के मझौआ गंगापुर की सहकारी सोसाइटी पर प्रमुख सचिव ने घोटाला पकड़ा था। वहां खाद के कई कट्टों का रिकॉर्ड ही नहीं चढ़ाया गया था। इससे इन कट्टों की बिक्री हुई या नहीं, इसका पता नहीं चल सका। खाद की कालाबाजारी की शंका जताई गई थी। जांच के बाद सचिव को निलंबित कर दिया गया। हालांकि समितियों में इस तरह की घपलेबाजी अभी खत्म नहीं हुई है।
अभी भी नहरों में सिल्ट जमा, झाड़ियां उगीं
भोजीपुरा में नहर की सफाई के नाम पर बजट तो ठिकाने लगा दिया गया, लेकिन नहरों में जिस तरह से सिल्ट और झाड़ियां मिलीं, उसे देखकर यह साफ था कि नहर की सफाई वर्षों से नहीं हुई थी। ग्रामीणों ने कई साल से नहर में पानी न आने की शिकायत भी की थी।
हिस्ट्रीशटरों की लंबे समय से नहीं की गई थी जांच
नवनीत सहगल ने देवरनियां थाने में शिकायतों के निस्तारण में फर्जीवाड़ा पकड़ा था। पुलिस ने जिन शिकायतों का रिकॉर्ड में निस्तारण दिखाया था, उसमें केस दर्ज कराने वालों की समस्या का समाधान ही नहीं हुआ था। इस पर उन्होंने पुलिस कर्मियों को फटकारा था। प्रमुख सचिव को यह भी मिला था कि पुलिस ने लंबे समय से हिस्ट्रीशीटरों की जांच तक नहीं कराई थी।
महिला सहायता के लिए नहीं चल रही वैन
महिला अपराधों की बढ़ती संख्या पर प्रमुख सचिव नाराज हुए थे। उन्होंने महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों से महिला की सहायता के लिए वैन के बारे में पूछा था लेकिन इसका संचालन अब तक नहीं शुरू हो सका है।
सर्विस लेन बन गई लेकिन ओवरब्रिज का काम लटका
नैनीताल रोड पर गुजरने के दौरान प्रमुख सचिव ने आईवीआरआई ओवरब्रिज के पास सर्विस लेन टूटी होने पर सेतु निगम के अधिकारियों को फटकारा था। यह सर्विस लेन कुछ दिन पहले बना दी गई है। रेलवे के अधिकारियों ने प्रमुख सचिव से जनवरी में पुल का काम पूरा करने की बात कही थी, लेकिन यह काम अभी काफी बाकी है। हालांकि रेलवे गार्डर बनाने का काम कर रहा है।
भोजीपुरा बीडीओ नहीं दिखा सके थे रिकार्ड
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने भोजीपुरा में ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान सहगल ने बजट आवंटन पंजिका चाही थी, जो प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इसके अलावा कई और व्यवस्थाएं भी मिली थीं।