बरेली। सैदपुर हाकिंस में करोड़ों की सरकारी संपत्तियां खुर्द-बुर्द कराने के आरोपी लेखपाल के खिलाफ राजस्व परिषद अध्यक्ष ने जांच के आदेश दिए हैं। अध्यक्ष के डीएम को आदेश देने के बाद तहसील सदर में खलबली मची हुई है, क्योंकि यहां के कई अधिकारी और कर्मचारी पहले से ही भूमाफिया को संरक्षण देने के लिए चर्चा में हैं। पिछले दिनों जमीनों के मुकदमों से संबंधित नौ फाइलें गायब होने का मामला भी सुर्खियों में रहा। इसकी अब भी जांच चल रही है।
गाजियाबाद के इरफान खां ने पांच सितंबर को राजस्व परिषद अध्यक्ष को पत्र लिखकर शिकायत की कि सैदपुर हाकिंस में तैनात लेखपाल हरीश कुमार ने अपनी तैनाती के दौरान करोड़ाें रुपये की सरकारी जमीन, तालाब, नदी की भूमि पर भूमाफिया को कब्जा करा दिया। करोड़ाें की संपत्ति खुर्द-बुर्द करने में तहसील सदर के कुछ अधिकारियों की भी मिलीभगत है, क्योंकि सरकारी संपत्तियों पर जब कब्जे हो रहे थे तब प्रशासन और तहसील सदर के अफसरों से भी शिकायत की गई थी, लेकिन साठगांठ के चलते कुछ नहीं हुआ। इरफान ने लिखा है कि चिह्नित भू-माफिया रमेश मौर्य से मेलजोल रखने वाले लेखपाल को स्थानीय अधिकारी बचाने में लगे हैं। विभिन्न आरोपों से घिरने के बाद भी लेखपाल को सैदपुर हाकिंस में ही तैनात रखा है। शिकायती पत्र पर राजस्व परिषद अध्यक्ष/सचिव दीपक त्रिवेदी ने जांच शुरू करा दी है। इसके तहत राजस्व परिषद कार्यालय ने डीएम से कहा है कि सैदपुर हाकिंस में सरकारी संपत्तियां खुर्दबुर्द कराने वाले संबंधित लेखपाल की गतिविधियों और भूमाफिया से उसकी साठगांठ की जांचकर कार्रवाई की जाए। साथ ही इस कार्रवाई से परिषद को अवगत कराया जाए।