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मंत्री जी! साहब फोटो देखकर ही बता देंगे 110 करोड़ की सड़कों में खेल हुआ या नहीं

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घोटाले की जांच में लीपापोती के लिए सड़कों के मंगवाए जा रहे फोटोग्राफ
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प्रभारी मंत्री के सामने विधायकों ने खोला था सड़कों के निर्माण में घोटाला
प्रमुख सचिव के सामने मामला उठने की संभावना से हड़बड़ाए अफसर

बरेली। प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के सामने विधायकों ने सड़कों के निर्माण में घोटाला खोलते हुए उनके सालभर में ही टूट जाने का मुद्दा उठाया था। इसमें गन्ना विभाग और मंडी परिषद सबसे ज्यादा निशाने पर रहे थे। प्रभारी मंत्री ने प्रत्येक सड़क के निर्माण की जांच कराने और संबंधित ठेकेदारों से उनकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। करीब 110 करोड़ की सड़कों के निर्माण में घोटाला खुलने के बावजूद अभी तक ज्यादातर सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। जांच के नाम पर भी अभी सिर्फ सूचनाएं एकत्र करने का दिखावा किया जा रहा है। अब जबकि प्रमुख सचिव नोडल अफसर नवनीत सहगल का 19 और 20 दिसंबर का दौरा होना है, लिहाजा सड़कों के निर्माण में घोटाले का मुद्दा फिर से उठने की संभावना को देखते हुए मंडी समिति के अधिकारियों ने सड़क निर्माण के फोटोग्राफ और कुछ अन्य सूचनाएं इकट्ठी करनी शुरू कर दी हैं। डीएम नितीश कुमार के निर्देश के बाद मंडी समिति के सचिव ने मंडी परिषद के डीडी निर्माण से कई बिंदुओं पर जानकारियां मांग ली हैं।
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विकास भवन में चार दिसंबर को विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा से विधायकों ने यह शिकायत की थी कि 110 करोड़ की लागत से बनीं तमाम सड़कें सालभर में ही टूट गई हैं। इनमें गन्ना विभाग और मंडी परिषद से बनी सड़कों की हालत बहुत ही खराब हैं। प्रभारी मंत्री ने डीएम नितीश कुमार को इन सड़कों की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। अब प्रमुख सचिव नवनीत सहगल का दौरा है। इसे देखते हुए मंडी समिति के सचिव अनिल कुमार ने मंडी परिषद के डीडी निर्माण से कई बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी है। इसमें उन सड़कों के फोटोग्राफ भी मांगे गए हैं, जिन्हें गड्ढामुक्त करने के लिए डीएम को प्रस्ताव भेजे जाने हैं। यह जानकारी भी मांगी गई है कि वर्ष 2018-19 और वर्ष 2019-20 में बनाई गईं सड़कों की स्थिति क्या है? ऐसी सड़कों के भी विभिन्न जगहों के फोटोग्राफ उपलब्ध कराए जाएं। गौरतलब है कि मंडी परिषद के डीडी निर्माण ने हाल में यह सूचना दी थी कि वर्ष 2018-19 में सभी संपर्क मांर्गों की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद मरम्मत कराई जा चुकी है। वर्ष 2019-20 में स्वीकृत मार्गों के लिए निविदा आमंत्रित की जा चुकी हैं।
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