अभी हॉट मिक्स प्लांट ही नहीं लग पाया, ऐसे में काम शुरू होने में हो रही देरी
बरेली। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बरेली-सीतापुर फोरलेन का करीब चार साल से लटका काम 15 दिसंबर से शुरू कराने की तैयारी थी। एनएचएआई मुख्यालय आगरा की एक कंपनी को करीब सात अरब का कांट्रैक्ट भी दे चुकी है, लेकिन हॉटमिक्स प्लांट अब तक चालू न हो पाने से काम शुरू नहीं हो पा रहा। एनएचएआई के अधिकारी अब यह काम जनवरी में शुरू होने की बात कह रही है। जाहिर है कि अभी ये काम जल्द शुरू होने वाला नहीं है। ऐसे बड़े खड्डों और अधूरे फ्लाईओवर से खतरनाक हुए इस हाईवे पर लोगों को सर्दी भर कोहरे में लोगों को खुद सावधानीपूर्वक सफर करना होगा।
गौरतलब है कि कांट्रेक्ट लेने वाली कंपनी ने चार जगहों पर हॉटमिक्स प्लांट लगाने के लिए जगह चिह्नित कर ली है। बरेली के साथ शाहजहांपुर, खीरी और सीतापुर जिलों में एक साथ काम शुरू करने की प्लानिंग है। इस प्रोजेक्ट का अधूरा काम 15 महीने में पूरा किया जाना है। बरेली से सीतापुर के बीच 157 किलोमीटर लंबे इस खस्ताहाल हाईवे और अधूरे फ्लाईओवर की वजह से यहां आए दिन हादसों में मौतें हो रही हैं। पिछले साल इरा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर एनएचएआई केस भी दर्ज करा चुका है। सवा साल बाद एनएचएआई ने इस अधूरे प्रोजेक्ट का काम पूरा कराने के लिए नौ अक्तूबर में हुई टेंडर प्रक्रिया में करीब सात अरब का कांट्रैक्ट आगरा की राज कारपोरेशन लिमिटेड को दिया। ठेका होने के बाद एनएचआई के अधिकारियों का कहना था कि कंपनी को हॉटमिक्स प्लांट लगाने सहित कई शुरूआती तैयारियों के लिए कुछ वक्त चाहिए। इसके लिए जनवरी-फरवरी से पहले काम शुरू कर पाना मुमकिन नहीं है, लेकिन डीएम नितीश कुमार ने कुछ दिन पहले एनएचएआई पीडी एनपी सिंह को बुलाकर नवंबर में ही काम शुरू कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद ठेका कंपनी ने बरेली के पास, शाहजहांपुर में रोजा, खीरी में मैगलगंज के नजदीक और आगे सीतापुर के पास चार जगहों पर हॉटमिक्स प्लांट लगाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली हैं। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना था कि यह काम 15 दिसंबर से शुरू हो जाएगा, लेकिन कंपनी अब तक प्लांट ही नहीं शुरू कर सक हैै। ऐसे में अब जनवरी में काम शुरू होने की जानकारी दी जा रही है।
‘फोरलेन बनाने के लिए अभी हॉटमिक्स प्लांट लगने हैं। इसका काम चल रहा है, लेकिन जनवरी में ही सड़क बनानी शुरू हो जाएगी। यह काम जल्द शुरू कराने की तैयारी काफी समय से चल रही है।’
- आकांक्ष, डिप्टी जीएम, एनएचएआई