एनओसी न मिलने से लटके हैं विकास के प्रोजेक्ट, बेसिक शिक्षा और सिंचाई विभाग की हालत में भी सुधार नहीं
बरेली। प्रमुख सचिव और जिले के नोडल अफसर नवनीत सहगल के एक महीने के भीतर ही एक बार फिर विकास कार्यों का हिसाब अफसरों से मांगने आ रहे हैं। नवनीत सहगल 18 और 19 दिसंबर को दो दिन रहकर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। वह पिछली बार 20 और 21 नवंबर को दो दिन का दौरा कर चुके हैं। अब वह अपने आगामी दौरे में पिछली बार निरीक्षण के दौरान पकड़ी गईं गड़बड़ियों के बारे में पूछेंगे। अफसरों के लिए चिंता की बात यह है कि उनके ज्यादातर निर्देशों का अनुपालन नहीं हुआ है या फिर उसके नाम पर लीपापोती ही हुई है।
प्रमुख सचिव की नाराजगी के बावजूद लटके हैं पुलों के काम
प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने पिछले दौरे में पुलों के अधूरे और धीमी गति से हो रहे निर्माण कार्यों पर नाराजगी जाहिर की थी। रामगंगा पर निर्माणाधीन पुल के बारे में सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया था कि वर्ष 2009 में 580 मीटर लंबे इस पुल का 74 फीसदी निर्माण ही पूरा हुआ है। प्रमुख सचिव का कहना था कि 700 मीटर लंबे पुल का निर्माण दो साल में पूरा हो जाना चाहिए, लेकिन इस पुल का काम अभी भी धीमी गति से हो रहा है। इसके अलावा प्रमुख सचिव चौपुला पर वन-पुलिस विभाग और लालफाटक पर रक्षा मंत्रालय की एनओसी मिलने में देरी पर भी सेतु निगम के अफसरों की क्लास लगाई थी, लेकिन ये अनापत्तियां अब तक नहीं मिल सकी हैं। इधर आईवीआरआई ओवरब्रिज को लेकर रेलवे अधिकारियों ने जनवरी में काम पूरा होने की बात कही थी, लेकिन इंजीनियरों का कहना है कि इसमें अभी वक्त लगेगा। हालांकि इस ओवरब्रिज की सर्विस लेन को ठीक कर दिया गया है।
घटिया स्वेटर मिलने पर कई बच्चों ने लेने से किया इंकार
भोजीपुरा के घंघौरा-घंघौरी और मझौआ गंगापुर प्राइमरी स्कूलों में ज्यादातर बच्चों को स्वेटर का वितरण ही नहीं किया गया था। विकास भवन में समीक्षा के दौरान नवनीत सहगल ने स्वेटर की आपूर्ति जल्द न करने संस्था को ब्लैक लिस्ट करने के आदेश बीएसए को दिए थे। इसके बाद स्वेटरों की आपूर्ति तो हुई, लेकिन उनकी क्वालिटी अच्छी न होने से कई बच्चों ने उन्हें लेने से इंकार कर दिया है। मझौआ गंगापुर स्कूल में तमाम बच्चों ने स्वेटर नहीं लिया है। प्रिंसिपल रजनी पटेल का कहना है कि इस बारे में अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
कन्या सुमंगला की वेबसाइट को लेकर नहीं सुधरी स्थिति
जिन परिवार में दो बेटियां हैं, उन्हें कन्या सुमंगला योजना के तहत आर्थिक मदद दी जानी है। जिले में करीब आठ लाख परिवार हैं। जबकि करीब तीन लाख ऐसे परिवार होंगे, जिनके घरों में दो बेटियां होगी। प्रमुख सचिव इस पर नाराज हुए थे कि इसके बावजूद अब तक 24 फार्म ही स्वीकृत हुए और इसे लेकर महिला कल्याण विभाग गंभीर नहीं है। अभी वेबसाइट की खराबी से फार्म को ऑनलाइन अपलोड करने और उसकी तहसील व बीडीओ से जांच कराने की प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है। इसके लिए महिला हेल्पलाइन से जुड़ी सहायता वैन का संचालन भी अब तक नहीं शुरू हो सका है।
मझौआ नहर की सफाई कराई, लेकिन दूसरों पर नहीं है ध्यान
भोजीपुरा में निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने नहरों की सफाई में घोटाला पकड़ा था। मझौआ गंगापुर में गौशाला के पास निकली नहर में सिल्ट और झाड़ियां लगी थीं। जबकि अधिकारियों का कहना था कि इसकी सफाई एक साल पहले ही कराई गई थी। इस फजीहत के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इस नहर की सफाई तो करा दी है, लेकिन दूसरे बहेड़ी, नवाबगंज सहित दूसरी जगहों की नहरों की सफाई को लेकर अब तक कोई सुध नहीं ली गई है।
डूडा में लटके हुए हैं प्रधानमंत्री आवासों के हजारों फार्म
प्रमुख सचिव की समीक्षा बैठक में डूडा और बीडीए के अधिकारियों के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर यह गड़बड़ी सामने आई थी कि डूडा ने अभी करीब 12 हजार लाभार्थियों के फार्मों को ही चेक नहीं किया है। इसके बाद 50 अधिकारियों की टीमें बनाकर लंबित फार्मों का सत्यापन कराने की योजना बनाई गई थी लेकिन डूडा के पास अभी भी हजारों फार्मों की जांच नहीं हो सकी है। ऐसे में उन्हें सस्ते आवास नहीं मिल सके हैं।
300 सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल : अभी ओपीडी चलाने की ही तैयारी
प्रमुख सचिव ने निर्माणाधीन अस्पताल का काम जल्द पूरा कराकर उसमें जिला अस्पताल का विस्तार कराने को कहा गया था, लेकिन स्टाफ की तैनाती न होने से इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। प्रमुख सचिव के निरीक्षण के बाद सीएमएस टीएस आर्या ने फिलहाल यहां ओपीडी शुरू कराने की बात कही थी। हालांकि यह स्वास्थ्य सुविधा भी अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी है।