राजेंद्रनगर में सूरजभान कॉलेज पर कार्रवाई शुरू मगर छज्जे झाड़ने से ज्यादा हौसला नहीं दिखा रहे अफसर
आवास विकास परिषद के अफसरों की कार्रवाई पर फिर उठे सवाल
दो दिन के अभियान में तोड़े जाने हैं 14 और व्यावसायिक निर्माण
बरेली। करीब पांच हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनी सूरजभान डिग्री कॉलेज की जिस इमारत का 70-80 फीसदी हिस्सा अवैध बताया जा रहा था, उसे तोड़ने के लिए आवास विकास परिषद की टीम सोमवार को जब सिर्फ हथौड़े और फावड़े लेकर पहुंची तो साफ हो गया कि यह कार्रवाई किस हद तक सीमित रहनी है। हुआ भी ऐसा ही, पहले दिन ऊपरी मंजिल पर सिर्फ छज्जों को झाड़ने का काम किया गया। राजेंद्रनगर आवासीय परियोजना में दूसरे अवैध व्यावसायिक निर्माणों की ओर टीम ने देखा भी नहीं। हालांकि अभियान अभी जारी रखने का दावा किया गया है।
आवास विकास परिषद की राजेंद्रनगर परियोजना को विभागीय अफसरों की सांठगांठ से ही व्यावसायिक इलाके में तब्दील किया जा चुका है। कई सालों तक लगातार अनदेखी करते रहने के बाद कुछ महीने पहले 40 उन लोगों को नोटिस जारी किए गए थे जिन्होंने यहां घरों को तोड़कर उन्हें आलीशान शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और शोरूम में तब्दील कर लिया है। इन्हीं सूरजभान डिग्री कॉलेज भी शामिल है जिसे राजेंद्रनगर में सिर्फ प्राइमरी स्कूल बनाने की अनुमति दी गई थी लेकिन आवंटी ने करीब पांच हजार वर्ग मीटर के पूरे एरिया को व्यावसायिक तौर पर निर्मित करा दिया। डिग्री कॉलेज के साथ यहां केनरा बैंक की शाखा के लिए भी बिल्डिंग बना दी गई। सूरजभान कॉलेज की इस अवैध इमारत को तोड़ने के लिए पहले भी तारीख का एलान किया गया था लेकिन तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह की दखलंदाजी के बाद फिर टाल दिया गया।
काफी समय टलते रहने के बाद सोमवार को आखिरकार पुलिस फोर्स के साथ अफसरों की टीम राजेंद्रनगर के ब्लॉक- ए में सूरजभान कॉलेज की इमारत तोड़ने पहुंची तो न उसके साथ कोई जेसीबी थी न एक्सपर्ट्स की टीम। हथौड़े और फावड़े लेकर जुटे मजदूरों ने ऊपरी मंजिल को थोड़ा बहुत तोड़ा। एक मजदूर ने यह भी बताया कि उन्हें सिर्फ साढ़े चार फुट तक छज्जों को तोड़ने के लिए कहा गया है। नतीजा यह हुआ कि पहले दिन कॉलेज की ऊपरी मंजिल के कुछ निर्माण को ही ध्वस्त किया गया। हालांकि अफसर इस कार्रवाई को बढ़ाचढ़ाकर बयान करने में जुटे रहे। तमाशबीन की भीड़ इकट्ठी रहने से भी यहां समा बंधा रहा। लोग चर्चा करते दिखे कि अफसर कागजी खानापूरी तक का ही काम कर रहे हैं। आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि कॉलेज की ऊपरी मंजिल के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। अभियान मंगलवार को भी जारी रहेगा।
दो दिन में कैसे ध्वस्त होंगी 14 अवैध इमारतें
आवास विकास की राजेंद्रनगर और जनकपुरी आवासीय कॉलोनियों में अधिकारियों की सांठगांठ से बड़ी संख्या में व्यावसायिक भवनों के निर्माण का मामला सुर्खियों मेें आने पर पिछले दिनों अफसरों ने 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर कराने के साथ 40 लोगों को नोटिस जारी किए थे। शासन की सख्ती के बाद अवैध निर्माण के खिलाफ खिलाफ 27 और 28 जनवरी को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाना था। इस अभियान के लिए आवास विकास की टीम ने बांके बिहारी मंदिर के पास राजेंद्रनगर के ए-ब्लॉक की 14 दुकानों के आगे अतिक्रमण चिह्नित किया। दो दिवसीय अभियान में सिर्फ इसी अतिक्रमण को ध्वस्त करने की बात की गई जबकि जानकीपुरम और राजेंद्रनगर में अवैध शोरूम समेत दूसरे कामर्शियल बिल्डिंग को तोड़ना इस योजना में शामिल नहीं है। पहले दिन अफसर कर्मचारियों के साथ सूरजभान कॉलेज में ही व्यस्त रहे। ऐसे में यह भी साफ हो गया कि 28 जनवरी को अफसर कितनी तत्परता से काम काम करेेंगे।
सड़क पर बनी पार्किंग और सीढ़ियाें का क्या होगा
राजेंद्रनगर में मेनरोड पर जो शोरूम और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स घरों को तोड़कर बनाए गए हैं, उन्होंने सड़कें तक कब्जा ली हैं। सड़कों पर इन शोरूम की पार्किंग और सीढ़ियां बनी हुई हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि आवास विकास परिषद के इस अभियान में क्या अफसर सड़कों को खाली कराने के लिए क्या अवैध पार्किंग और सीढ़ियां भी तुड़वाएंगे।