बरेली-लखनऊ। पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में भी मतदाताओं ने गजब का उत्साह दिखाया। सूबे के कई जिलों में आंधी-पानी आने के कारण खराब हुए मौसम के बावजूद गांव की अपनी सरकार चुनने के लिए लोगों ने घरों से बाहर निकलकर वोट किया। पीलीभीत व ललितपुर में तो बंपर मतदान हुआ है। दूसरे चरण के चुनाव में 72 फीसदी से अधिक मतदान हुआ है।
ग्राम प्रधानी के चुनाव में मंगलवार को दूसरे चरण का मतदान हुआ। सूबे के 74 जिलों में 202 ब्लॉक के 14432 ग्राम पंचायतों में हुए चुनाव में सुबह से ही ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। सुबह सात बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ ग्रामीणों की लंबी लाइनें लग गईं। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दोपहर 12 बजे तक कई जिलों में 50 फीसदी से अधिक मतदान हो चुका था।
दूसरे चरण में भी पीलीभीत में सबसे अधिक मतदान हुआ है। यहां पर 85.5 प्रतिशत मत पड़े हैं। ललितपुर में भी 84.64 प्रतिशत मतदान हुआ है। रामपुर में 81.68 व बरेली में 81.5 प्रतिशत वोट पड़े हैं। सहारनपुर में भी 79 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है। लखीमपुर खीरी में भी 79.5 प्रतिशत वोट पड़े हैं। राजधानी लखनऊ व बाराबंकी में भी 77 फीसदी से अधिक वोट पड़े। बदायूं में 72.8 और शाहजहांपुर में 73.56 प्रतिशत मतदान हुआ।
इतना बंपर पोल तब हुआ है जब मंगलवार को मौसम भी खराब हो गया था। कई स्थानों पर तूफान व आंधी पानी के कारण काफी देर तक मतदान भी बाधित रहा। राजधानी लखनऊ में ही पौने चार बजे से मौसम बिगड़ गया। आंधी के कारण अंधेरा छा गया। आगरा व कानपुर में तो दोपहर में ही खराब मौसम के कारण डेढ़ से दो घंटे तक मतदान बाधित रहा।
चुनावी हिंसा में ब्रज में तीन और गोंडा में एक की मौत
मतदान के दौरान बदायूं में हिंसक झड़पों में 28 घायल
ब्रज
आयोग ने गोंडा के एसपी का किया तबादला
एसडीएम, सीओ व कोतवाली के थानाध्यक्ष सस्पेंड
लखनऊ/बदायूं। गोंडा में मतदान के दौरान दो पक्षों में विवाद के बाद गोली चल गई। इसमें ग्राम पंचायत फिरोजपुर की प्रत्याशी रनीमुलनिशा के पति सज्जाद (64) की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। इसमें सज्जाद की बेटी शाहजहां भी गंभीर घायल है जबकि बेटा अब्दुल हक को भी चोटे आई हैं। आयोग ने इस मामले में प्रशासन की घोर लापरवाही मानते हुए इस घटना को गंभीरता से लिया है। वहीं ब्रज क्षेत्र के तीन जिलों में तीन लोगों की मौत हो गई। बदायूं में हिंसक झड़पों में 28 लोग घायल हो गए।
आयोग ने गोंडा के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया है। एसडीएम सदर नरेन्द्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर अखंड प्रताप सिंह व कोतवाली देहात के थानाध्यक्ष फणीन्द्र यादव को तत्काल सस्पेंड कर दिया है। सीओ को डीपीजी मुख्यालय व एसडीएम को राजस्व परिषद में अटैच कर दिया गया है। थानाध्यक्ष को पुलिस महानिरीक्षक गोरखपुर जोन के कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। आयोग ने इस बूथ का पुनर्मतदान कराने का निर्णय किया है। साथ ही नए अफसरों के आने के बाद उन्हें एक-दो दिन का समय तैयारियों के लिए दिए जाने के कारण तीसरे व चौथे चरण का मतदान भी आगे बढ़ाया गया है।
मथुरा के गांव रामनगला में दो प्रत्याशियों के बीच हुई फायरिंग और मारपीट के दौरान एक मतदान कर्मी महेश कुमार की हार्टअटैक से मौत हो गई। एटा में प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हुए पथराव में एक महिला की मौत हो गई। वहीं, आगरा के सैंया ब्लाक की ग्राम पंचायत जाजऊ के पोलिंग बूथ जोधापुरा में मतदान के बाद प्रधान प्रत्याशी महिला मोहन प्यारे और गुड्डी देवी के समर्थकों के बीच पथराव और फायरिंग में मोहन प्यारे पक्ष के नरेश की मौत हो गई।
बदायूं में कादरचौक के गांव भमुइया-भदसिया प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 10 लोग घायल हो गए। भमुइया में उपद्रवियों ने एसपी देहात मुन्ना लाल की गाड़ी पर पथराव कर दिया। इससे उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। यहां पुलिस और पब्लिक के बीच भी झड़प हुई। जगत ब्लाक के गांव झंडपुर में झंडपुर में फर्जी वोटिंग को लेकर बवाल शुरू हुआ और दोनों ओर से हुए पथराव और फायरिंग में 18 लोग घायल हो गए। यहां करीब दो घंटे तक मतदान रुका रहा। बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू कराया गया। उझानी ब्लाक के गांव तेहरा में पथराव हुआ और धर्मपुर गांव में मतदान के लिए बैंक की फर्जी पास बुक पेश बनवाने का मामला प्रकाश में आया। कुड़ानसिंह पुर में एक ग्रामीण को धमकाने के लिए फायर किया गया। चुनावी हिंसा में एक व्यक्ति को पकड़कर उसका चालान कर दिया गया है। जगह जगह हुए बवाल से मतदान बाधित रहा।
जौनपुर में फर्जी मतदान को लेकर हुए पथराव में सेक्टर मजिस्ट्रेट, दो पुलिस कर्मी समेत 12 घायल हो गए। पुलिस की तीन गाड़ियां फूंक दी गईं। मिर्जापुर में पीठासीन अधिकारी की पिटाई कर दी। पथराव में एसडीएम घायल हो गए। दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। आजमगढ़ में पथराव, फायरिंग हुई। गाजीपुर में पीठासीन अधिकारी, दरोगा की पिटाई की गई। तीन मतदान केंद्रों के 11 बूथों पर मतदान निरस्त कर दिया गया।
इसके अलावा देवरिया, इलाहाबाद, बस्ती, वाराणसी, फर्रुखाबाद और अमरोहा समेत कई स्थानों पर मतदान के दौरान फायरिंग और तोड़फोड़ भी हुई जिसमें कई लोग चोटिल हुए। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस को कई जगह लाठियां फटकारनी पड़ीं।
पहले चरण की अपेक्षा दूसरे चरण का चुनाव और भी अधिक शांतिपूर्वक रहा है। गोंडा की घटना को छोड़कर बाकी किसी भी जगह कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। गोंडा में भी कार्रवाई कर दी गई है। जहां भी गड़बड़ियां हुईं हैं वहां पुनर्मतदान कराया जाएगा। बचे हुए दो चरणों में चुनाव और भी अधिक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे। इतनी अधिक संख्या में पहले कभी भी मतदान नहीं हुआ है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।
एसके अग्रवाल, राज्य निर्वाचन आयुक्त