रामहरि समागम को किया संबोधित
विनोबा भावे आश्रम में आयोजित रामहरि समागम में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में अनेक ऐसे संत हुए हैं, जिन्होंने साधारण वस्त्र धारण कर अपना पूरा जीवन भारत माता के चरणों में न्योछावर कर दिया। ऐसे ही संत आचार्य विनोबा भावे थे, जो महात्मा गांधी के साथ आजादी की लड़ाई में कंधे से कंधे मिलाकर चले थे।
विनोबा भावे ने किया था भू-दान का आह्वान
ब्रजेश पाठक ने कहा कि आजादी के बाद विनोबा भावे को चिंता थी कि निर्धन भूमिहीनों का परिवार कैसे पालन होगा। तब उन्होंने पदयात्रा निकाल कर जमींदारों और राजाओं से भू-दान करने का आह्वान किया। उनके आंदोलन से जुड़कर बड़ी संख्या में लोगों ने जमीन को दान कर दिया।