फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: दहशत का बाजार गर्म, चार गुना बढ़ी प्लेटलेट्स की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। जिले में डेंगू के मरीजों का सरकारी आंकड़ा भले ही 60 है पर वास्तविक संख्या इससे अधिक है। निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले संदिग्ध मरीजों के आंकड़े भी स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल पाते। एनएस-1 कार्ड पाॅजिटिव मरीजों को भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू पीड़ित नहीं मानता, जबकि निजी अस्पतालों में उनको डेंगू पीड़ित मानते हुए ही इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन

बिना जरूरत के भी मरीजों को प्लेट्लेट्स चढ़ाई जा रही हैं। इससे ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की मांग सामान्य दिनों की अपेक्षा चार गुना तक बढ़ गई है। इधर, मरीज की जान बचाने के लिए प्लेटलेट्स लेने ब्लड बैंक पहुंच रहे तीमारदारों को रक्तदाता साथ लाने का सुझाव दिया जा रहा है।
हर दिन जांच के लिए अस्पताल पहुंच रहे लोगों में से एक-दो केस डेंगू पॉजिटिव मिल रहे हैं। वहीं, हर दिन करीब तीन दर्जन एनएस-1 पॉजिटिव यानी डेंगू संदिग्ध केस भी मिल रहे हैं। सामान्य दिनों में जहां रोज औसतन 2-3 यूनिट प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ती थी, इन दिनों 15 से 18 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग हो रही है। इधर, डॉक्टर भी बुखार के मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या 1.50 लाख से कम होने पर डेंगू बताकर इलाज के लिए प्लेटलेट्स की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार के मुताबिक 15 दिन से प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। जो भी तीमारदार प्लेटलेट्स लेने पहुंच रहे हैं, उन्हें रक्तदान करने या रक्तदाता साथ लाने के लिए कहा जा रहा है।

आईएमए ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. अंजू उप्पल के मुताबिक पहले रोज 8-10 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग होती थी, जो अब 35-40 यूनिट तक जा पहुंची है। जिला अस्पताल में प्लेटलेट्स न होने पर जिन मरीज के तीमारदार आईएमए ब्लड बैंक पहुंचते हैं, उन्हें रक्तदाता को साथ लाने के लिए कहा जा रहा है।

बारिश के चलते जल-जमाव और उससे उपजी स्थितियों के चलते जिले में बुखार के केस तेजी से बढ़े हैं। डेंगू की पुष्टि के अलावा अब तक जिले में करीब 25 सौ से ज्यादा लोग संदिग्ध मिले हैं। रैपिड टेस्ट की पॉजिटिव रिपोर्ट भले ही स्वास्थ्य विभाग न माने पर निजी अस्पताल इसी आधार पर मरीज के लिए प्लेटलेट्स की व्यवस्था करवा रहे हैं। लिहाजा, तीमारदार ब्लड बैंक के चक्कर काटने को विवश हैं।

जरूरी नहीं कि सभी को चढ़ाया जाए प्लेटलेट्स
जिला अस्पताल ब्लड बैंक के डॉ. यूवी सिंह के मुताबिक डेंगू की चपेट में आने पर प्लेटलेट्स काउंट कम जरूर हो जाता है पर जरूरी नहीं कि सभी मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाई जाएं। शरीर स्वयं रोग से लड़ता है और प्लेटलेट्स काउंट को काफी हद तक कवर कर लेता है। प्लेटलेट्स काउंट 20 हजार से नीचे होने पर एहतियात के तौर पर प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती हैं। ब्लीडिंग होने पर प्लेटलेट्स की नहीं, रक्त की जरूरत होती है।
जिले में मलेरिया बेकाबू होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को 84 नए केस मिलने के बाद मलेरिया के मरीजों की संख्या 2,600 के पार पहुंच गई है। उधर, डेंगू के चार केस मिले है। जिला अस्पताल के नए वार्ड में भी डेंगू, मलेरिया के मरीज भर्ती होने लगे हैं।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को मीरगंज में 26, शेरगढ़ में 24, फतेहगंज पश्चिमी में 18, भमोरा में 101, रामनगर में छह लोग मलेरिया की चपेट में मिले हैं। इसमें 12 केस खतरनाक फेल्सीपेरम के है। जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की एलाइजा जांच में डेंगू के चार नए मरीज मिले हैं। फीवर वार्ड फुल हो चुका है। लिहाजा, अब नए मरीजों को इमरजेंसी में बने नए वार्ड में भर्ती करने की तैयारी है। ब्यूरो
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें