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Bareilly News: सपा प्रत्याशी की हार, सपा के ही निर्दलीय राजेश अग्रवाल ने मारी बाजी

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बरेली। बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) में सदस्य पद के चुनाव में बृहस्पतिवार को सपा प्रत्याशी अब्दुल कय्यूम मुन्ना हार गए। वहीं, सपा के ही राजेश अग्रवाल सबसे अधिक वोटों के साथ निर्दलीय चुनाव जीत गए। भाजपा के तीन पार्षदों ने जीत हासिल की। महापौर उमेश गौतम ने सभी का फूल माला पहनाकर स्वागत किया।
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बृहस्पतिवार सुबह नगर निगम सभागार में महापौर उमेश गौतम और नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स की मौजूदगी में बरेली विकास प्राधिकरण में चार सदस्य पद पर चुनाव शुरू हुआ। सपा प्रत्याशी अब्दुल कय्यूम मुन्ना ने नामांकन कराया। भाजपा की ओर से शालिनी वर्मा, नवल किशोर और पूनम ने नामांकन दाखिल किया। इसी दौरान पहुंचे सपा राजेश अग्रवाल ने भी निर्दलीय नामांकन कर दिया। टिकट न मिलने से सपा पार्षद आरिफ कुरैशी ने वोटिंग से ठीक पहले इस्तीफा दे दिया।
कुल 84 में से पांच मतदाता अनुपस्थित रहे। एक मत रद्द कर दिया गया। 78 वोटों में से सबसे अधिक वोट निर्दलीय राजेश अग्रवाल को मिले, जबकि सपा प्रत्याशी अब्दुल कय्यूम मुन्ना सपा पार्षदों के वोट भी नहीं ले पाए। उन्हें सिर्फ छह वोट मिले। राजेश अग्रवाल ने सपा पार्षदों के अलावा विपक्ष के पार्षदों में भी सेंधमारी कर दी। भाजपा के नवल को 18, पूनम और शालिनी वर्मा को 16-16 वोट मिले।
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पार्टी ने राजेश अग्रवाल को बहुत कुछ दिया। पार्षद दल का नेता, सदस्य और विधानसभा चुनाव भी लड़वाया। पांच आवेदन आए थे। उसमें सभी को पहले लड़ाया जा चुका था। अब्दुल कय्यूम मुन्ना को मौका दिया गया। यह घोर अनुशासनहीनता है। कार्रवाई के लिए प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखा है। - शमीम खां सुल्तानी, महानगर अध्यक्ष, सपा
सपा में मेरी पूरी निष्ठा थी और आगे भी रहेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझे शहर विधानसभा के योग्य समझकर चुनाव लड़वाया था, लेकिन महानगर अध्यक्ष ने मेरी योग्यता को दरकिनार कर दिया। सपा के जिन पार्षदों ने मुझे समर्थन दिया, उनकी भी भावनाओं को दरकिनार कर दिया गया। मैंने कार्यकर्ताओं और पार्षदों की भावनाओं का सम्मान करते हुए चुनाव लड़ा। - राजेश अग्रवाल, पार्षद, सपा
मैं पार्टी का संस्थापक सदस्य हूं। मेरे पास अब तक रसीद सुरक्षित है। मुझे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। उत्पीड़न हो रहा था। मेरे सम्मान को ठेस पहुंची तो मैंने इस्तीफा दे दिया। सपा के 14 पार्षद हैं, मगर प्रत्याशी को सिर्फ छह वोट मिले। किसी को विश्वास में लिए बिना रातोंरात प्रत्याशी तय किए जा रहे हैं। नेताजी के समय से मैं पार्टी में हूं, बेहद दुखी मन से इस्तीफा दिया है। - आरिफ कुरैशी, पार्षद, सपा
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