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यूपी: दोपहर में एक करोड़ की फिरौती मांगी, रात को मिला अपहृत मासूम का शव

Thu, 02 May 2019 02:26 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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एक बरातघर से रविवार की शाम अगवा किए गए शिक्षक के चार वर्षीय बेटे का शव बुधवार रात बरामद हो गया। अगवा करने के तुरंत बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। शव की बरामदगी से पहले दोपहर शिक्षक को व्हाट्सअप कॉल कर एक करोड़ की फिरौती मांगी गई। इसके बाद शक के आधार पर हिरासत में लिए गए युवक पर पुलिस ने सख्ती की तो उसने सच उगल दिया। इस युवक को पुलिस ने सोमवार तड़के ही हिरासत में लेकर थाने में बैठा लिया था। अब पुलिस उस शख्स की तलाश कर रही है जिसने शिक्षक को एक करोड़ की फिरौती के लिए कॉल की।

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बीसलपुर (पीलीभीत) के गांव हाफिजनगर बन्नाही में रहने वाले बेसिक शिक्षक चंद्रप्रकाश पत्नी रुचि गंगवार और चार वर्षीय बेटे अग्रिम के साथ पीलीभीत के ही दियोरिया कलां निवासी अपने रिश्तेदार रामकुमार की बेटी रूबी की शादी में बीजामऊ रोड पर एक बरातघर में आए थे। यहीं से रात आठ बजे अग्रिम लापता हो गया था। पुलिस ने पड़ताल की तो सीसीटीवी फुटेज में दियोरिया कलां का ही इंटर में पढ़ने वाला सुनील के पीछे-पीछे अग्रिम जाता दिखा। इसके बाद सुनील तो फिर बरातघर में दिखा पर अग्रिम नजर नहीं आया। चंद्रप्रकाश ने सुनील के खिलाफ तहरीर दी तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसे सोमवार तड़के ही पकड़कर थाने में बैठा लिया। 

इसके बाद पुलिस ने ज्यादा कुछ नहीं किया। बुधवार को चंद्रप्रकाश के नंबर पर अनजान नंबर से मेसेज के साथ व्हाट्सएप कॉल आई और उनसे एक करोड़ की फिरौती मांगी गई। इसके बाद पुलिस ने सुनील पर सख्ती की तो उसने सच कबूलकर आठ किमी दूर बिथरी गांव में पताई के नीचे दबाया अग्रिम शव बरामद करा दिया। सुनील ने बताया कि उसे चंद्रप्रकाश की कमाई और जायदाद देखते हुए फिरौती में बड़ी रकम मिलने की उम्मीद थी। पुलिस के अनुसार फिरौती के लिए कॉल किसी और शख्स ने की थी जो चंद्रप्रकाश को झांसा देकर फायदा उठाना चाहता रहा होगा। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने बताया कि हत्या अपहरण के दिन ही कर दी गई थी। कॉल करने वाला कोई अलग शख्स था। उसकी तलाश की जा रही है।

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