बरेली। अघोषित बिजली कटौती और विद्युत निगम के अफसरों की कार्यशैली से परेशान राजेंद्रनगर, डीडीपुरम, जनकपुरी के निवासियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन वनमंत्री डॉ. अरुण कुमार को सौंपा। उन्होंने अघोषित कटौती की जांच, जिम्मेदारों पर कार्रवाई और रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति दिए जाने की मांग की है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले जिलाध्यक्ष सुरेंद्र रस्तोगी के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक स्थानीय निवासी रविवार को वनमंत्री के आवास पहुंचे। मंत्री से कहा कि अभियंताओं के तबादलों के बाद भी बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक रोजाना बिजली कटौती हो रही है। अधिकारी फोन नहीं उठाते और संतोषजनक जवाब नहीं देते। हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल रिसीव नहीं होती। भीषण गर्मी में व्यापारी और आम लोग बेहाल हो रहे हैं।
नागरिकों ने बताया कि 30 जून को तड़के तीन बजे हल्की बारिश के बाद राजेंद्रनगर, डीडीपुरम और आसपास के इलाकों की बिजली चली गई। करीब 12 से 13 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई। इस दौरान तीन अभियंताओं को कॉल की गई पर एक्सईएन ओपी गुप्ता से ही संपर्क हो सका।