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कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े तो ऑक्सीजन और दवाओं की बढ़ी मांग

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बरेली। तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के कारण ऑक्सीजन, फैवीपीरावीरा, रेमडेसिविर और अन्य संबंधित दवाओं की मांग भी अचानक बढ़ गई है। इसलिए शासन ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) को हर जिले में दवा और इंजेक्शन के स्टॉक पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इस बीच प्रशासन ने ऑक्सीजन और दवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त उपलब्धता का आग्रह किया है।
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तमाम जगह रेमडेसिविर इंजेक्शन आदि की कालाबाजारी और ऑक्सीजन की किल्लत की जानकारी पर शासन ने दवा स्टॉकिस्ट को मिल रही सप्लाई और आपूर्ति पर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एफएसडीए ने सभी जिलों में निगरानी करेगा। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन आयुक्त कार्यालय ने पत्र जारी कर कहा है कि सभी औषधि निरीक्षक और खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऑक्सीजन निर्माता, सप्लायर, फैवीपीरावीरा टेबलेट, रेमडेसिविर इंजेक्शन स्टॉकिस्ट के भंडार चेक करेंगे। हालांकि बरेली में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं है। इंजेक्शन भी अन्य जिलों के अपेक्षा है ज्यादा मिले हैं। इसलिए अभी तक समस्या नहीं आई है। लेकिन, बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने शासन से 45 टन ऑक्सीजन और 25 सौ रेमडेसिविर इंजेक्शन प्रतिदिन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
फैवीपीरावीरा की आपूर्ति बढ़ी
पिछले कई दिनों से फैवीपीरावीरा टेबलेट की किल्लत चल रही थी। औषधि निरीक्षक विवेक कुमार ने फैवीपीरावीरा स्टॉकिस्ट और निर्माताओं से संपर्क साधा और जिले में आपूर्ति बढ़ाने को कहा। इसका असर सोमवार से दिखने लगा। उन्होंने बताया कि फैवीपीरावीरा कई कंपनियां बनाती हैं। आपूर्ति बढ़ने से अब बाजार में गोलियां आसानी से उपलब्ध होने लगेंगी।
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ऑक्सीजन का तीसरा प्लांट शुरू
प्राणवायु ऑक्सीजन सिलिंडर भरने के प्लांट का लाइसेंस तो पिछले वर्ष ही मिल गया था, लेकिन प्लांट पर ऑक्सीजन लाने के लिए टैंकर की सुविधा नहीं थी। अब टैंकर की सुविधा हो गई है। साथ ही इस प्लांट पर सिलिंडर भराई का काम भी शुरू हो गया है। जानकारी के मुताबिक परसाखेड़ा स्थित बीएन इंड्रस्टीज में 10 टन, फरीदपुर हाईवे स्थित एसपी इंड्रस्टीज में 10 टन और फरीदपुर हाईवे पर स्थित प्राणवायु प्लांट में आठ टन ऑक्सीजन का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है। इस तरह जिले में 28 टन ऑक्सीजन प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है। इससे 32 सिलिंडर ऑक्सीजन तैयार हो रहे हैं। इन प्लांटों से ऑक्सीजन सिलिंडर सरकारी और निजी अस्पतालों में सप्लाई होते हैं।
लगातार मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ती जा रही है। मुख्यालय से ऑक्सीजन और रेमडेसिवीर इंजेक्शन उपलब्धता बढ़ाने का आग्रह किया है। सप्लाई और मांग पर सघन निगरानी के साथ ही किसी भी प्रकार की किल्लत न होने की समीक्षा हो रही है। फिलहाल अभी कहीं कोई किल्लत होने की सूचना नहीं है।
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उर्मिला वर्मा, औषधि निरीक्षक।
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