बरेली। जीआरपी थाने में फायरिंग मामले की जांच धीमी गति से चल रही है। जांच कर रहे जीआरपी गाजियाबाद के सीओ को सोमवार को बरेली आना था, लेकिन प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा (पीईटी) में व्यस्तता के कारण वह नहीं आ सके। इधर, निलंबित तीन सिपाहियों छोटू, मोनू, मनोज के बाद इंस्पेक्टर परवेज खान ने भी मुरादाबाद में आमद करा दी है। प्रभारी एसपी जीआरपी रोहित मिश्रा ने बताया कि निलंबित इंस्पेक्टर और सिपाहियों के बयान मुरादाबाद में ही दर्ज किए जाएंगे।
जीआरपी थाने में मंगलवार रात गोली चलने से इंस्पेक्टर परवेज खान और सिपाही छोटू घायल हो गए थे। अधिकारी दो दिन घटना को दबाए रहे। बृहस्पतिवार को मामला सुर्खियों में आया तो सीओ मुरादाबाद यहां पहुंचे और इंस्पेक्टर व तीन सिपाहियों को निलंबित किए जाने की जानकारी दी। मामले में जांच सीओ जीआरपी गाजियाबाद को सौंपी गई है।
प्रभारी एसपी जीआरपी ने बताया कि दो दिन पीईटी में व्यस्तता के कारण निलंबित इंस्पेक्टर और सिपाहियों के बयान अभी दर्ज नहीं हो सके हैं। इसी वजह से जांच अधिकारी बरेली जीआरपी थाने का मौका मुआयना भी नहीं कर सके हैं। उन्होंने बताया कि यह विभागीय जांच है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कुछ बताया जा सकेगा। प्रारंभिक और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्यवाही की जाएगी। संवाद