बरेली। बारिश के चलते बढ़ी नमी की वजह से लोगों को प्यास का अहसास कम हो रहा है। लिहाजा, पानी का सेवन कम होने से एंटरटाइटिस के मरीज ओपीडी में बढ़ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल आए करीब 2800 मरीजों में पांच सौ पेट संंबंधी रोगों की चपेट में रहे।
ओपीडी के आंकड़ों पर गौर करें तो जुलाई के बाद अगस्त के पहले सोमवार को ओपीडी आए मरीजों में पेट संबंधी रोगी क्रमवार बढ़ रहे हैं। जुलाई में क्रमश: 237, 281, 327, 333, 357 और अब 461 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। वहीं, पुराने पर्चे पर भी मरीजों को दवा, परामर्श दिया गया।
फिजिशियन डॉ. एएम अग्रवाल के मुताबिक, बारिश में नमी की अधिकता से प्यास का अहसास नहीं होता। इसलिए तमाम बच्चे, युवा, बुजुर्ग पानी का सेवन कम कर देते हैं। शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन की आशंका बढ़ती है। आंतों पर दबाव पड़ने से सूजन उभरने से तकलीफ बढ़ती है।
पेट में दर्द, ऐंठन होने लगती है। लिवर पर भी जोर पड़ने से उल्टी, जी मिचलाने की समस्या बढ़ती है। समय पर इलाज न हो तो ब्लड प्रेशर बढ़ने से चक्कर भी आने की आशंका बढ़ जाती है। सोमवार को पेट की बीमारियों से संबंधित जो मरीज आए ज्यादातर इन्हीं रोगों की चपेट में हैं।
जांच के लिए लगी कतार, लिए गए 383 सैंपल
मरीजों की कतार अधिक होने और पेट संबंधी दिक्कत के चलते करीब 383 मरीजों की रक्त संबंधी जांच कराई गई। इसमें सीबीसी, यूरिन, लिपिड प्रोफाइल, एसजीपीटी, एसजीओटी, हीमोग्लोबिन आदि की जांच की गई। सीनियर पैथोलॉजिस्ट के मुताबिक, बुखार के मरीजों में ज्यादातर विडाल पॉजिटिव मिल रहा है। टाइफाइड के साथ वायरल बुखार के मामले बढ़े हैं। लिवर में सूजन की भी पुष्टि हो रही है।
शिविर में 47 दिव्यांगों के प्रमाणपत्र हुए जारी
सुबह आसमान साफ होने से सीएमओ कार्यालय में आयोजित शिविर में दिव्यांगता सत्यापन, प्रमाणपत्र नवीनीकरण के लिए दूरदराज से लोग पहुंचे। विशेषज्ञ की जांच के बाद 47 लोगों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी किए गए। इसमें मूकबधिर, हाथ व पांव से दिव्यांग, मानसिक रूप से कमजोर समेत अन्य मामले रहे।