दातागंज (बदायूं)। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुई संविदा लाइनमैन की मौत से नाराज परिजनों और गांव वालों ने विभाग की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि पांच लाख रुपये नहीं दिए जाने पर गुरुवार को दातागंज-शाहजहांपुर रोड पर जाम लगा दिया। इस दौरान शव घर पर ही रखा रहा। करीब तीन घंटे बाद जब बदायूं में पीड़ित परिजनों को विभागीय अधिकारियों से पांच लाख का चेक मिल गया तब जाम को खोला गया। इस दौरान रोड के दोनों ओर काफी वाहन एकत्र हो गए।
ग्राम रोहरी निवासी ओमेंद्र पुत्र नरेश पाल दातागंज स्थित उपकेंद्र पर संविदा लाइनमैन के रूप में तैनात था। बुधवार को बेलाडांडी-रोहरी के बीच लाइन ठीक करते समय उसकी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इस मामले में संविदा कर्मी राजीव और एसडीओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गुरुवार को जब शव पोस्टमार्टम हाउस से घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। इस बीच संविदा कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव आदि भी गांव पहुंच गए थे। पीड़ित परिजनों और संविदा कर्मचारी यूनियन में इस बात को लेकर बेहद नाराजगी थी कि कर्मचारी की मौत पर उसे दस लाख रुपये मिलते हैं। इसमें से पांच लाख रुपये तत्काल दिए जाते हैं, बाकी पांच लाख बाद में मिलते हैं। पांच लाख रुपये नहीं मिलने पर पीड़ित परिजनों ने घर पर शव को रखने के बाद दातागंज-शाहजहांपुर रोड पर जाम लगा दिया। जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहन एकत्र होने लगे। सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली गोविंद सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जाम लगाने वालों को समझाने की कोशिश की लेकिन उनका कहना था कि जब तक पांच लाख का चेक नहीं मिल जाता तब तक वह जाम नहीं खोलेंगे। पुलिस ने पूरे मामले से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया। बाद में पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने परिजनों को चेक लेने के लिए जिला मुख्यालय बुलाया। गांव के ही ओमपाल यादव आदि चेक लेने बदायूं पहुंचे। उन्हें विभाग ने चेक दिया तब कहीं जाकर करीब तीन घंटे बाद जाम खुल सका।
जाम खुलने के बाद किया अंतिम संस्कार
- पीड़ित परिजनों ने पांच लाख का चेक मिल जाने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया। जब पोस्टमार्टम हाउस से शव गांव पहुंचा तो सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए। परिजन में कोहराम मचा हुआ था।
जाम में फंसे लोग निकले दूसरे रास्तों से
- करीब तीन घंटे तक शाहजहांपुर रोड पर जाम लगने से दोनों ओर वाहन एकत्र होने लगे थे। ऐसे में कई लग्जरी गाड़ियों में सवार बहुत से लोग समरेर, कमा, बेलाडांडी होते हुए निकले।