घटनास्थल पर मौजूद पशु प्रेमी व अन्य
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सहसवान रेंज वन कार्यालय परिसर के अंदर वन दरोगा की खड़ी कार में प्लास्टिक की बोरी से सिर-पैर कटा एक सियार का शव बरामद हुआ। पुलिस के साथ पहुंचे पशु प्रेमियों वन दरोगा की करतूत मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। पशु प्रेमियों ने वन दरोगा पर प्रतिबंधित पशु के शव की तस्करी करने का आरोप लगाकर पुलिस को तहरीर दी है। रेंजर ने इस मामले को वन दरोगा के खिलाफ जांच शुरू कर दी। तीन पशु चिकित्सकों के पैनल ने सियार के शव का पोस्टमार्टम किया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंच कर साक्ष्य संकलित किए है।
पशु प्रेमी संजीव कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्हें शनिवार रात करीब 12 बजे सूचना मिली कि वन विभाग के दरोगा विजय सिंह प्रतिबंधित पशु का शिकार करके सफेद रंग की कार से रेंज कार्यालय पर ले गए हैं। रविवार तड़के वह टीम के साथ वीकेंद्र शर्मा, अविनाश शर्मा, राम गोपाल, श्याम शर्मा, किशोर शर्मा और बुद्धपाल के साथ वन विभाग के रेंज कार्यालय के बाहर पहुंचे। उन्होंने पीआरवी 112 और कोतवाली पुलिस को फोन करके वहां बुला लिया।
पुलिस ने कार मालिक वन दारोगा विजय सिंह को बुलाकर कार की डिग्गी खुलवाई, जहां प्लास्टिक की बोरी मिली। इसे खोला गया तो उसके अंदर एक सियार का सिर और चारों पैर कटा हुआ शव बरामद हुआ। कटा हुआ सिर और पैर भी बोरे के अंदर ही रखे हुए थे। पशु प्रेमियों ने पुलिस को तहरीर देकर वन दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पशु प्रेमियों का आरोप है कि वन दरोगा की लगातार शिकायतें मिल रही थी। वह प्रतिबंधित पशुओं का शिकार का उन्हें बेचते है। इसके साथ ही सियार का शिकार कर तांत्रिकों को बेचने का काम करते आ रहे है।
वहीं, रेंजर अशोक कुमार त्यागी ने विभागीय उच्चाधिकारियों को सूचना दी। साथ ही फोरेंसिक टीम को मौके पर बुला लिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए। फोरेंसिक टीम ने आशंका जताई कि पहले सियार को गोली मारी गई और बाद में उसके सिर और पैर काटे गए हैं। पोस्टर्माटम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पूरा पता चल सकेगा।
रेंजर सहसवान आशोक कुमार त्यागी ने बताया कि वन दरोगा को फंसाने के लिए षड्यंत्र रचा गया होना प्रतीत हो रहा है। सहसवान, उझानी और दहगवां के पशु चिकित्सकों को बुला कर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।