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सूदखोर मामले में आरोपी संजू सक्सेना की संदिग्ध अवस्था में मौत

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बरेली। सूदखोरी के लिए कन्या महाविद्यालय के कर्मचारी अरुण को प्रताड़ित कर खुदकुशी के लिए मजबूर कर देने के मामले में वांछित संजू सक्सेना का शव सोमवार को हार्टमन कॉलेज के पास सड़क किनारे पड़ा मिला। पुलिस की दबिश पड़ने के बाद वह करीब तीन महीने से अपने घर नहीं आया था। संजू के आत्महत्या करने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि उसके घरवालों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। पुलिस ने भी सूचना मिलने के बावजूद कोई दिलचस्पी नहीं ली।
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सूदखोरों के उत्पीड़न की वजह से भूड़ में रहने वाले अरुण ने 20 मार्च को जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। उनकी पत्नी सरिता ने चंदा बाबू वाल्मीकि, संजू सक्सेना समेत आठ लोगों के खिलाफ थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि इन सूदखोरों ने उनकी जमीन, मकान सब हड़प लिया। अरुण ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था जिसमें इन्हीं सूदखोरों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था।
संजू के परिवार वालों का कहना है कि अरुण ने मरने से पहले एसएसपी को एक तहरीर दी थी जिसमें संजू की बहन कंचन का नाम था मगर अरुण की मौत के बाद बहन के साथ संजू के नाम भी रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसी कारण वह परेशान था। सोमवार दोपहर को वह हार्टमन कॉलेज के पास पड़ा मिला। उसकी जेब से मिले कागज पर लिखे फोन नंबर पर लोगों ने उसके घर सूचना दी। परिजन उसे डीडीपुरम के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वे लोग शव लेकर घर ले गए और पोस्टमार्टम भी नहीं कराया। परिवार में कोई उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक तो कोई खुदकुशी बता रहा है। संजू की मौत की सूचना प्रेमनगर पुलिस तक भी पहुंची। हालांकि इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है। अगर सूचना आएगी तो पोस्टमॉर्टम कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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बहन देती थी कर्ज, संजू करता था वसूली
लोगों ने बताया कि संजू की बहन कंचन ब्याज पर रुपये उठाती थी। उसने ही अरुण को कर्ज दिया था लेकिन इसकी वसूली करने संजू करने जाता था। इसी कारण कंचन के साथ उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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