पिछले वर्षों में दिवाली के सबसे बड़े सेलेब्रेशन के रूप में ‘अमर उजाला दिवाली कर्निवाल’ को शहर का जो स्नेह मिला है, उसने हमें इस परंपरा को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी है। इस साल भी यह लोकप्रिय आयोजन शहरवासियों के लिए समर्पित किया जा रहा है। 14 से 16 अक्तूबर तक डीडीपुरम के सेलेक्शन प्वाइंट चौराहा पर ‘अमर उजाला दिवाली कर्निवाल-2017’ का आयोजन हर साल की तरह विविध रंगों से भरा होगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और ऊंट की सवारी होगी। अमर उजाला के साथ कर्निवाल के सहआयोजक बीएल एग्रो एवं मारिया डे हैं।
दिवाली कर्निवाल में इस बार पचास हजार से अधिक लोग हलवा का स्वाद चखेंगे। इसमें शहर के ही लोगों का प्रेम घुला होने का अहसास होगा, क्योंकि अमर उजाला की टीम हर घर से सूजी और शक्कर इकट्ठा करके हर हलवा बनाएगी। शहर के प्रमुख 25 स्थानों पर हलवा वितरित किया जाएगा। सामग्री इकट्ठा करने के लिए शहामतगंज स्थित अमर उजाला कार्यालय परिसर से रथ मंगलवार शाम को रवाना होगा। हमारे इस प्रयास में फ्यूचर कॉलेज और उप्र उद्योग व्यापार मंडल भी सहयोग कर रहा है।
दिवाली कर्निवाल में बच्चे और युवाओं को खूब धूम मचाने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। 14 से 16 अक्तूबर तक दोपहर दो बजे से युवा महोत्सव होगा। खुले मंच पर सबको अपनी प्रतिभा दिखाकर शहर का दिल जीतने का मौका मिलेगा। इसमें स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थी भी भाग ले सकेंगे।
सबसे ज्यादा मोमबत्ती जलाकर शहर बनाएगा वर्ल्ड रिकार्ड
14 तारीख को एक साथ सर्वाधिक मोमबत्ती जलाकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में बरेली का नाम दर्ज करने का प्रयास किया जाएगा। 16 अक्तूबर को फ्यूचर कॉलेज परिसर में शहर के लोग दीये की आकृति में मानव शृंखला बनाकर दूसरा वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए जुटेंगे।
अखबार से कूपन काटकर झूलिए झूला
बच्चों को झूला झुलाने के लिए आप अमर उजाला में प्रकाशित कूपन को काटकर साथ लाएं। इसे दिखकर बच्चों को झूला झूलने और ऊंट की सवारी करने का मौका मिलेगा। यह कूपन 14, 15 और 16 अक्तूबर के अमर उजाला अंक में प्रकाशित होगा।