बरेली। आपने ऐसी कई कहानियां सुनीं होंगी या प्रत्यक्ष ऐसे मामले देखे होंगे जहां पिता के नक्शेकदम पर चलकर संतानों ने नाम कमाया। नकटिया निवासी नरेंद्र सिंह की कहानी इसके उलट है। वह अपनी बेटी रिया से प्रेरणा लेकर शूटिंग में हाथ आजमा रहे हैं। रिया सिंह एक प्रतिभाशाली शूटर हैं। वह राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं। अब वह पिता की गुरु बनकर उन्हें खेल की बारीकियां सिखा रहीं हैं।
रिया सिंह ने बताया कि जब उन्होंने निशानेबाजी की शुरुआत की तो पिता नरेंद्र सिंह हमेशा उनके साथ खड़े रहे। हर प्रतियोगिता में बेटी का हौसला बढ़ाया। इसी दौरान उनका रुझान भी इस खेल की ओर बढ़ने लगा।
उन्होंने जब राइफल उठाने की ठानी तो रिया ने न सिर्फ हौसला बढ़ाया बल्कि उनकी गुरु भी बन गई। कैसे हथियार पकड़ना है। कैसे पोजीशन लेनी है। कैसे स्थिरता बनाए रखनी है। ये सब उन्हें रिया ने ही सिखाया। 2023 में पिता-पुत्री ने नई दिल्ली में आयोजित प्री-स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में एक साथ हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता में रिया ने 0.22 बोर प्रोन पोजिशन और थ्री पोजिशन जूनियर महिला वर्ग में दो स्वर्ण पदक जीते। नरेंद्र सिंह ने 0.22 बोर प्रोन पोजिशन मास्टर्स वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। अब रिया और उनके पिता दोनों आगामी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटे हैं। संवाद
रेंज तक छोड़ने आते थे पिता
जब मैंने शूटिंग शुरू की थी, तब पापा मुझे हर दिन रेंज तक छोड़ते थे, मेरी जरूरतों का ध्यान रखते थे। धीरे-धीरे उन्होंने मेरी तैयारी में रुचि लेनी शुरू की। जब उन्होंने कहा कि वो भी सीखना चाहते हैं तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। - रिया
बेटी ही मेरी प्ररेणास्रोत
रिया मेरी प्रेरणास्रोत है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस उम्र में मैं खेलूंगा, लेकिन उसकी लगन और मेहनत ने मुझे भी कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया। उसने मुझे सब कुछ सिखाया। मैंने खेल में जो कुछ भी हासिल किया, वह रिया की बदौलत ही है। - नरेंद्र