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Bareilly News: बेटी साथ ले आई तबाही का सामान, मेरा सब कुछ लुट गया

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बरेली। कल्याणपुर धमाके में अपना घर व परिजनों को खोने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती रहमान शाह व उसकी पत्नी छोटी बेगम की आंखों में आंसू थे। उन्होंने बेटी फातिमा पर ही निशाना साधा कि उसी ने मौत का सामान घर में भर दिया, जिससे उनके पांच परिजनों व एक पड़ोसी महिला की मौत हो गई।
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रहमान शाह ने कहा कि वह खेत से उसी वक्त घर लौटकर आया था और बाहर छप्पर के नीचे आराम कर रहा था। तभी पत्नी छोटी बेगम उसके लिए चाय बनाने पहुंचीं। इसी दौरान अचानक सिलिंडर फटने से धमाका हो गया। बेटी फातिमा एक दिन पहले ही कुछ पटाखे लेकर उन्हें सुखाने चली आई थी। उसके साथ उसकी देवरानी व जेठानी भी थीं। उन्होंने उसे आतिशबाजी का सामान ले जाने के लिए कहा था, पर उसने शाम तक की मोहलत ले ली थी। सिलिंडर फटने के बाद इन पटाखों में आग लग गई। उन्हें क्या पता था कि घर आई बेटी फातिमा अपने साथ मौत का सामान भी ले आई है। इस धमाके से वह तबाह हो गए। एक आंख से दिखना बंद हो गया है। पत्नी छोटी बेगम के सिर पर चोट लगी है। फातिमा बुरी तरह झुलसने के बाद बर्न वार्ड में भर्ती कराई गई है।


चश्मदीद बोले- बारूद से जोरदार विस्फोट के बाद ही सिलिंडर-फ्रिज फटे
बरेली। सिलिंडर फटने से हादसा होने की बात कहकर रहमान शाह ने खुद को पीड़ित के तौर पर पेश करने की कोशिश की। हालांकि, ग्रामीणों से लेकर पुलिस तक ने बारूद के विस्फोट की बात बताई। ग्रामीणों ने बताया कि सबसे पहले तेज और बड़ा धमाका हुआ था जो साफतौर पर बारूद का था। इसी धमाके की वजह से बाद में गैस सिलिंडर व फ्रिज उड़ गए। सिलिंडर का तो कोई कतरा तक नहीं मिला। वहीं, फ्रिज की टिन एक कोने में पड़ी मिली। घटना के बाद लोग सदमे में हैं। अधिकतर घरों में चूल्हे भी नहीं जले। परचून व्यापारी इशरत मियां ने बताया कि धमाके से उनकी दुकान का सामान तहस-नहस हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना रात में होती तो जाने क्या आलम होता? दोनों मस्जिदों में काफी नुकसान हुआ है।
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दादी के साथ ने बचा ली मासूमों की जान
- पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतकों के परिजनों ने बताया कि घटना के दौरान कुछ लोग नसीब से बच गए। इनमें फातिमा का 12 साल का बेटा सुभान शामिल है जो मां के साथ सिरौली से ननिहाल आया था। वह उसी वक्त दुकान पर खाने की कोई चीज लेने गया था। फातिमा के दो बच्चों के साथ ही जेठानी सितारा की पांच बेटियां, देवरानी नीना की दो बेटियां व एक बेटा सिरौली में अपनी दादी के पास थे। गनीमत रही जो ये बच्चे ननिहाल नहीं आए थे वर्ना हादसा और भयावह हो सकता था। रहमान शाह का बेटा वाहिद मजदूरी करता है। वह राजमिस्त्री के साथ आंवला में काम कर रहा था। नासिर के घर सिरौली में हरिद्वार से आई दो बहनों ने बच्चों का हालचाल लिया।
बारूद से विस्फोट का दावा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता लगा कि विस्फोट बारूद से ही हुआ था। बारूद कितने किलोग्राम रहा होगा और उसकी प्रकृति क्या थी? इसका खुलासा फॉरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट से होगा। टीमों ने मौके से प्लास्टिक के कतरे, कपड़ों पर लगा बारूद व मानव अंगों पर लगे बारूद का सैंपल लिया है। सिरौली थाना प्रभारी इसे जांच के लिए भेजेंगे।
तीन लोगों के बम से उड़े चीथड़े, मलबे में दबकर तीन की गई जान
बारूद से मौत की वजह काफी हद तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सामने आ गई। नीना और तबस्सुम के शवों के बारूद से चीथड़े उड़ गए थे। सितारा पूरी तरह झुलस गई थीं। यह तीनों रहमान शाह के घर में ही थीं, जहां विस्फोट हुआ था। वहीं, दोनों बच्चों के साथ ही पड़ोसन रुखसार की मौत मलबे में दबने की वजह से हुई। इन तीनों की मौत की वजह हेड इंजरी (सिर की चोट) आई है। उनके शरीर की कई हड़िडयां भी टूटी मिलीं।
इन बिंदुओं पर हुई चूक
- सिरौली से लगातार गांव कल्याणपुर में बारूद की खेप लाई जा रही थी। कभी ई-रिक्शा तो कभी ऑटो में भरकर बंद बोरों में बारूद और पटाखे रहमान शाह के घर लाए जा रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की थी, पर रोक नहीं लगाई जा सकी।
- पड़ोसियों ने रहमान शाह के घर में बारूद आने से लेकर उसे सुखाने तक की स्थिति अपनी छतों से देखा था, पर इस बारे में वह एकराय नहीं हो सके। वह लोग एकजुट होकर शिकायत करते तो पुलिस कार्रवाई करने को मजबूर होती।
- प्रधान व ग्रामीणों के अनुसार पुलिस ने पचास-साठ किलो पटाखे मौके से बरामद किए हैं। ऐसा है तो विस्फोट में काम आए बारूद के वजन और क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
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