स्कॉलरशिप का पोर्टल बंद हो चुका है, लेकिन ऑनलाइन डाटा में तमाम खामियां होने से छात्र परेशान हैं। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने अपलोड डाटा में अब कोई बदलाव न हो पाने की बात कहते हुए हाथ खड़े कर दिए हैं। सीडीओ ने शासन में लिखा पढ़ी करके इस दिक्कत से अवगत करा दिया है। पोस्ट और प्री-मैट्रिक के छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। समाज कल्याण विभाग ने सामान्य और एससी छात्र-छात्राओं का वजीफा देने के लिए डाटा ही देर से भेजा। अब ऑनलाइन डाटा में खामियों की वजह से छात्र हलकान हैं। स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति मिली ही नहीं या जारी हुई धनराशि आधी-अधूरी ही है। इस परेशानी के चलते हर रोज छात्र विकास भवन पहुंचकर शिकायत कर रहे हैं। छात्रों का कहना था कि स्कूलों से आया पूरा डाटा शासन को भेजा ही नहीं गया है। इसे लेकर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कॉलरशिप का सारा डाटा 11 मार्च को सरकार के पोर्टल पर अपलोड हो चुका है। इसमें अब कोई फेरबदल मुमकिन नहीं है।