पंचायत राज और बीडीए की बैठक में ग्राम प्रधानों ने जिम्मेदारी लेने से किया मना, एक वर्ष पहले लगाई गईं थीं लाइटें
बरेली। बीडीए और पंचायत राज विभाग की संयुक्त बैठक में बरेली-शाहजहांपुर-लखनऊ मार्ग पर लगी स्ट्रीट लाइटों को रोशन करने का आग्रह ग्राम प्रधानों ने ठुकरा दिया है। इस कारण हाईवे पर अंधेर का अंधेरा कायम है।
बरेली-शाहजहांपुर मार्ग का बीते वर्ष बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने चौड़ीकरण किया था। चौड़ीकरण के बाद डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थी, लेकिन कुछ दिन की टेस्टिंग के बाद स्ट्रीट लाइट बंद हो गईं। हाल में ही बीडीए के सचिव ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर लाइटों का अनुरक्षण और संचालन ग्राम पंचायतों से कराने का आग्रह किया था। जिला पंचायत राज अधिकारी ने इस संबंंध में मोहनपुर, नरियावल, भिंडोंलिया के प्रधानों और पंचायत सचिवों को तलब किया। बीडीए की ओर से अधिशासी अभियंता योगेंद्र कुमार पहुंचे। बैठक में शामिल ग्राम प्रधानों ने कहा कि न तो ग्राम पंचायतों के पास बिजली का बिल देने के लिए रुपये हैं न ही ठीक करने के लिए संसाधन हैं। इसलिए इन लाइटों को पंचायतें नहीं संभाल पाएंगी।
इन मार्गों पर भी लगाईं गईं स्ट्रीट लाइटों को लेकर उलझा मुद्दा
बीडीए ने एक साल पहले अवस्थापना निधि से बरेली-शाहजहांपुर मार्ग पर नकटिया पुल से इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी तक, बदायूं रोड पर करगैना पुलिस चौकी से जुए की पुलिया तक, डोहरा रोड स्थित नकटिया नदी पुल से बड़ा बाइपास तक और बीसलपुर रोड पर नकटिया नदी से बड़ा बाइपास तक स्ट्रीट लाइट लगाई गईं। बीडीए के अधिशासी अभियंता का कहना है कि बीडीए परिसंपत्तियां बनाता है, लेकिन उसका संचालन और अनुरक्षण करने की जिम्मेदारी संबंधित निकाय की होती है। ग्राम पंचायतों के क्षेत्र में ग्राम पंचायतों को संचालन संभालना चाहिए। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर का कहना है कि ग्राम पंचायतें संचालन संभाल पाने की स्थिति में नहीं हैं। बीडीए इन्हें संभाले, लेकिन बीडीए के अधिशासी अभियंता ने कहा कि वह अधिकारियों को अवगत कराएंगे। अमर उजाला ब्यूरो
अगर ग्राम पंचायतें स्ट्रीट लाइट का संचालन संभालने की स्थिति में नहीं हैं तो क्षेत्र पंचायत को जिम्मेदारी दी जाएगी। -जगप्रवेश, सीडीओ