राम मंदिर का मसला हल न हुआ तो देश में सीरिया जैसे हालात पैदा हो सकते हैं, श्री श्री रविशंकर का यही बयान में उनके बरेली में कार्यक्रम से दरगाह आला हजरत के दूरी बना लेने की वजह बन गया। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक इस बयान के बाद ही दरगाह के प्रमुख लोगों को हिदायत कर दी गई कि वे श्री श्री के कार्यक्रम के दौरान दरगाह परिसर में मौजूद न रहें। श्री श्री के लिए मथुरापुर स्थित इस्लामिक सेंटर के दरवाजे न खुलने के पीछे भी उनके इसी बयान को कारण माना जा रहा है।
श्री श्री दरगाह परिसर में तकरीबन डेढ़ घंटे तक रहे लेकिन दरगाह की किसी भी प्रमुख हस्ती से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। न शहर काजी असजद रजा खां से उनकी मुलाकात हो पाई न दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां से, जबकि असजद मियां तो दरगाह परिसर में ही थे। सूत्रों के मुताबिक सुब्हानी मियां से श्री श्री की मुलाकात की संभावनाएं थीं, लेकिन उनके सीरिया वाले बयान से बात बिगड़ गई। दरअसल दरगाह से जुड़ा कोई जिम्मेदार व्यक्ति बाबरी मस्जिद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर कोई गलत संदेश नहीं देना चाहता था। बताते हैं कि बात यहां तक पहुंच गई कि दरगाह प्रमुख से जुड़े सभी लोगों को यह हिदायत दे दी गई कि वे दरगाह परिसर में उस वक्त मौजूद न रहें जब श्री श्री वहां मौजूद हों।