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Bareilly News: समितियों पर डीएपी-यूरिया खत्म, भटक रहे किसान

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बड़ागांव सहकारी समिति। संवाद
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गुलड़िया। धान की रोपाई अंतिम चरण में है, लेकिन अब क्षेत्रभर की समितियों पर डीएपी-यूरिया खाद की उपलब्धता खत्म हो गई है। इससे किसानों की धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। किसान डीएपी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इस बीच डीएपी और यूरिया खाद की कालाबाजारी भी की जा रही है।
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अभी धान की रोपाई का समय चल रहा है। क्षेत्र में 50 फीसद से अधिक धान की रोपाई हो चुकी है, लेकिन किसानों को धान की फसल में लगाने के लिए डीएपी व यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। इलाके भर की आधा दर्जन से अधिक सहकारी समितियां खाली पड़ी हुई हैं, जबकि अब से दस से 15 दिन बाद यूरिया खाद की किसानों को जरूरत होगी। इस समय समितियां पर न तो डीएपी ही है, और न यूरिया खाद, इसको लेकर किसानों में आक्रोश बना हुआ है। किसान इन खादों को लेने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।


नकली डीएपी की है भरमार

इस समय खेती किसानी का काम अपने चरम पर है। ऐसे में किसानों की जरूरत के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली डीएपी और यूरिया खाद की बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है, लेकिन जिस खाद की किसानों को जरूरत है। वह उपलब्ध नहीं है, जबकि निजी दुकानों पर अलग-अलग कंपनियों के नाम से डीएपी खाद भरी पड़ी है, जो नकली भी बताई जा रही है। यह धंधा हर बार धान और गेहूं की फसल के दौरान होता है। ऐसा नहीं कि अधिकारियों को इस बात की जानकारी न हो। सब कुछ जानकार भी अधिकारी मौन रहते हैं। इसके पीछे नकली खाद वाले और अधिकारियों का गठजोड़ है।
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समिति सचिवों ने नहीं भेजी डिमांड

किसानों की फसल बोआई से पहले ही सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध हो जाती थी, लेकिन पिछले कई सालों से लगातार ऐसा हो रहा है कि सीजन में खाद मिलती ही नहीं है, जब किसानों का काम निपटा जाता है तब खाद उपलब्ध कराई जाती है। बताते हैं कि इलाके भर में बिशारतगंज, अलीगंज, पटपरागंज, राजापुर कला, बड़ागांव, रामनगर की कलाभोज, महमूदपुर और सिरौली आदि की समितियां हैं, जिन पर महीनों से डीएपी और यूरिया खाद नहीं है। बताते हैं कि इन समितियां के सचिवों ने अब तक विभाग को डिमांड चेक तक नहीं भेजा। इसके चलते समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि एक समिति के लिए मात्र 300 से 400 बोरी ही डीएपी पूरी सीजन के लिए दी जाती और किसान सैकड़ों की संख्या में पहुंच जाते हैं। इसको लेकर बवाल खड़ा होता है। संवाद



बृहस्पतिवार को डीएपी के लिए बरेली से रेक लग रही है। शुक्रवार से लोडिंग होना शुरू हो जाएगी। दो-तीन दिन में समितियों पर खाद आ जाएगी। डीएपी की हमारे ही ब्लॉक में नहीं जिले भर में किल्लत है।
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- राघवेंद्र यादव, एडीओ, कोऑपरेटिव मझगवां
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